
भोपाल। एसआरएस सर्वे में मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हर मां और हर नवजात का सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना हमारी सरकार का संकल्प है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक तकनीक के उपयोग और जमीनी स्तर तक सेवाओं की पहुंच के परिणामस्वरूप प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य अमले से सतत प्रयास करते रहने का आह्वान किया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की ओर से किए गए सतत प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर में आई ऐतिहासिक गिरावट स्वास्थ्य तंत्र की प्रतिबद्धता, जमीनी स्तर पर कार्यरत अमले की मेहनत और आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का परिणाम है। केंद्र सरकार के सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार देश में मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) 2018–20 के 97 से घटकर 2022–24 में 87 प्रति एक लाख जीवित जन्म पर आ गया है।
मध्य प्रदेश ने इस दिशा में राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश का एमएमआर 2018–20 में 173 था, जो 2022–24 में घटकर 135 रह गया है। यह 38 अंकों यानी लगभग 22 प्रतिशत की गिरावट है, जो राष्ट्रीय औसत से दोगुनी से भी अधिक है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, प्रशिक्षित डॉक्टरों एवं स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपातकालीन प्रसूति सेवाओं के विस्तार से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए है।
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