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राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन को मिलेगी राहत या बरकरार रहेगा नामांकन रद्द? आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

12 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन को मिलेगी राहत या बरकरार रहेगा नामांकन रद्द? आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव से जुड़े सबसे चर्चित विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत का रुख यह तय कर सकता है कि चुनाव प्रक्रिया पर कोई असर पड़ेगा या नहीं।


नामांकन क्यों हुआ था रद्द?

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने 8 जून को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। 9 जून को स्क्रूटनी के दौरान भाजपा ने आपत्ति जताई कि उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) ने इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए उनका नामांकन निरस्त कर दिया। इसके बाद मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।


देर रात सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस

नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस ने 10 और 11 जून की दरमियानी रात करीब 1:48 बजे ऑनलाइन याचिका दाखिल की। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए चुनाव परिणाम पर रोक लगाने का अनुरोध भी किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले को शुक्रवार की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।


आज कांग्रेस क्या दलील दे सकती है?

सुनवाई के दौरान कांग्रेस यह तर्क रख सकती है कि नामांकन रद्द करने की पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थी। वहीं, भाजपा और निर्वाचन पक्ष रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को चुनाव नियमों के मुताबिक सही ठहराने की कोशिश करेंगे। ऐसे में अदालत की टिप्पणी और आदेश बेहद अहम माने जा रहे हैं।


सुप्रीम कोर्ट के सामने क्या-क्या विकल्प?

आज की सुनवाई में अदालत कई विकल्प अपना सकती है। यदि पहली नजर में कांग्रेस के तर्क मजबूत लगे तो कोर्ट नोटिस जारी कर विस्तृत सुनवाई तय कर सकती है। अदालत चाहे तो चुनाव परिणाम या संबंधित प्रक्रिया पर अंतरिम निर्देश भी दे सकती है। यदि तत्काल हस्तक्षेप जरूरी नहीं लगा तो नियमित सुनवाई का रास्ता अपनाया जा सकता है और चुनाव प्रक्रिया जारी रह सकती है।


यदि फैसला मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में आया...

अगर सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस के पक्ष में राहत देता है तो मामला चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

कोर्ट हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करने का निर्देश दे सकता है।

यदि सुप्रीम कोर्ट सीधे हस्तक्षेप करता है तो तीनों राज्यसभा सीटों का चुनाव प्रभावित हो सकता है।

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 100(1)(c) के अनुसार गलत तरीके से नामांकन खारिज होना चुनाव रद्द करने का आधार बन सकता है।

ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग को दोबारा चुनाव कराने की नौबत आ सकती है।


यदि फैसला कांग्रेस के खिलाफ गया...

यदि सुप्रीम कोर्ट रिटर्निंग अधिकारी के फैसले को सही मानता है तो भाजपा के निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों की जीत बरकरार रहेगी।

ऐसी स्थिति में वे बिना किसी कानूनी अड़चन के राज्यसभा सदस्य बन जाएंगे और कांग्रेस के लिए इस सीट पर कानूनी चुनौती का दायरा लगभग समाप्त हो जाएगा।


सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगी मीनाक्षी

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले सुबह 11:30 बजे दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मीनाक्षी नटराजन प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। माना जा रहा है कि इसमें वह नामांकन रद्द किए जाने और पार्टी के कानूनी पक्ष को लेकर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखेंगी।

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