मंगलवार, 28 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

DGP कैलाश मकवाणा का पुलिसकर्मियों को नववर्ष संदेश: थाना ही पुलिस की आत्मा, आमजन का विश्वास है असली ताकत

02 जन, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
DGP कैलाश मकवाणा का पुलिसकर्मियों को नववर्ष संदेश: थाना ही पुलिस की आत्मा, आमजन का विश्वास है असली ताकत

DGP कैलाश मकवाणा का पुलिसकर्मियों को नववर्ष संदेश: थाना ही पुलिस की आत्मा, आमजन का विश्वास है असली ताकत

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नया साल, नई उम्मीदें और नई जिम्मेदारियां… इसी भाव के साथ मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने नववर्ष 2026 पर प्रदेश के पुलिसकर्मियों को खास संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस थाना ही गृह विभाग की मूलभूत इकाई है और यहीं से आम जनता की पुलिस के प्रति सोच बनती है। इसलिए थाना स्टाफ का चरित्र, व्यवहार और संवेदनशीलता ही पुलिस की असली पहचान है।


डीजीपी ने कहा कि थाने आने वाले हर पीड़ित और आवेदक के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए और उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। यह शुभकामना संदेश सिर्फ औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि 2025 की उपलब्धियों और 2026 की रणनीति का स्पष्ट रोडमैप है।


2025: टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का साल

अपने संदेश में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वर्ष 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह साल टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बन गया है। उन्होंने प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में मिले परिणाम, डायल-112 के प्रभावी क्रियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई व्यवस्था, ई-ऑफिस प्रणाली और नारकोटिक्स के खिलाफ चलाए गए “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान की विशेष रूप से सराहना की।


साइबर फ्रॉड से लेकर हेल्थ तक, कई बड़ी पहल

डीजीपी ने बताया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सेफ क्लिक जागरूकता अभियान चलाया गया, जिससे लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से सतर्क किया गया। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और मानसिक फिटनेस के लिए हार्टफुलनेस संस्था के साथ एमओयू किया गया। उन्होंने कहा कि 1” Change Maker Award, e-HRMS सिस्टम को शुरू करने के प्रयास, एक लाख से अधिक साइबर फ्रॉड मामलों में ई-जीरो एफआईआर, और 11 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों का एक सप्ताह में स्थानांतरण जैसे फैसलों से कार्यप्रणाली में बड़ा सुधार आया है।


गुम बालिकाओं की तलाश से लेकर त्वरित इनाम तक

डीजीपी मकवाणा ने बताया कि 2025 में रिकॉर्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को विशेष प्रयासों से खोजा गया, जो पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। साथ ही सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी और गिरफ्तारी की गई। त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन और बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के परिश्रम को भी उन्होंने सराहा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत इनाम देकर मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया गया है।


2026 की प्राथमिकताएं: AI से लेकर सड़क सुरक्षा तक

नए साल की प्राथमिकताओं पर बात करते हुए डीजीपी ने कहा कि 2026 में यातायात दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। उन्होंने साइबर फ्रॉड के बदलते तरीकों को देखते हुए Capacity Building को समय की जरूरत बताया। इसके साथ ही नई तकनीक और AI के उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई, सोशल मीडिया पर तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति और पुलिस के अच्छे कार्यों के प्रचार पर जोर दिया। सिंहस्थ 2028 के सुरक्षित और सफल आयोजन के लिए भी अभी से तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।


थाना ही पुलिस की आत्मा, आमजन का विश्वास है असली ताकत

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि थाना ही विभाग की मूल इकाई है, जहां आम जनता का सबसे ज्यादा संपर्क होता है। इसलिए थाना स्टाफ का उत्तम चरित्र, व्यवहार और त्वरित कार्रवाई पुलिस की साख तय करती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों में तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाए और आम जनता की सहभागिता के जरिए पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया जाए।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें