
भोपाल। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से जुड़ी महू-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को बड़ा प्रशासनिक समर्थन मिला है। डॉ. आंबेडकर नगर (महू) से बलवाड़ा के बीच घाट सेक्शन में निर्माण के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद लंबे समय से अटकी परियोजना में अब तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
454 हेक्टेयर वन भूमि पर होगा निर्माण कार्य
परियोजना के तहत करीब 454 हेक्टेयर वन भूमि पर रेलवे ट्रैक और अन्य संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है। वन विभाग से भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। रेलवे द्वारा विभाग की सभी शर्तें मानने के बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) ने मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है।
अंतिम अनुमति मिलते ही शुरू होगा काम
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब रेलवे ने वन विभाग से अंतिम अनुमति के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। जैसे ही अंतिम स्वीकृति मिलेगी, संबंधित क्षेत्र में निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। वन भूमि अधिग्रहण के लिए रेलवे पहले ही 100.08 करोड़ रुपये जमा करा चुका है।
इंदौर के लिए क्यों अहम है यह रेल लाइन?
महू-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर का रेल नेटवर्क महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से बेहतर तरीके से जुड़ सकेगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से इस लाइन को इंदौर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महू स्टेशन क्षेत्र में हटाए गए निर्माण, रास्ता हुआ साफ
हाल ही में महू स्टेशन विस्तार और नई रेल लाइन के लिए कई पुराने मकानों को हटाने की कार्रवाई भी की गई। प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर दिए थे, जिसके चलते अधिकांश परिवारों ने स्वयं घर खाली कर दिए। बची हुई संरचनाओं को मशीनों की मदद से हटाकर क्षेत्र को समतल किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य बिना बाधा आगे बढ़ सके।
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