
भोपाल। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई पर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं की सफलता केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका प्रभाव आम लोगों तक दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति तय समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश भी दिए।
लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर
मंत्री भूरिया ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से भी जोड़ना है। इसी दिशा में महिला वित्त विकास निगम की गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही 1.6 लाख महिलाओं को जोड़ने के लिए IPE Global के साथ हुए समझौते पर तत्काल अमल शुरू करने और ग्राउंड वर्क तेज करने को कहा गया।
कुपोषण खत्म करने के लिए नए मॉडल अपनाने की तैयारी
बैठक में बच्चों के कुपोषण को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। खंडवा के मोर्टक्का क्षेत्र में ड्राईफ्रूट पाउडर वितरण के प्रयोग की रिपोर्ट दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यदि परिणाम प्रभावी पाए जाते हैं तो इसी महीने इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा तमिलनाडु के आयुर्वेद आधारित मॉडल के अध्ययन के लिए गठित टीम को सितंबर तक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। सरकार ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात और केरल के सफल कुपोषण निवारण मॉडल का भी अध्ययन कर रही है।
आंगनवाड़ी भर्ती और टेक-होम राशन व्यवस्था पर भी समीक्षा
मंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती के पहले चरण में 92 प्रतिशत तथा दूसरे चरण में 67 प्रतिशत नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। उज्जैन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे, जिसके बाद अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने टेक-होम राशन व्यवस्था को विभाग के अधीन स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित करने की तैयारी पर अगले सप्ताह विस्तृत प्रस्तुति देने के निर्देश भी दिए।
AI से होगी पोषण ट्रैकर की निगरानी
विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पोषण ट्रैकर के आंकड़ों की जांच हेतु AI आधारित सिस्टम विकसित करने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए एम्स भोपाल के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं का सहयोग लेने की बात भी कही गई।
15 दिन में तैयार होगा सुधार का प्रस्ताव
मंत्री निर्मला भूरिया ने अधिकारियों से कहा कि विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं में आवश्यक नीतिगत संशोधन, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और योजनाओं के बेहतर समन्वय का प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर तैयार किया जाए। इसके बाद इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी।
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