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कोविड प्रभावित बच्चों से मिलीं मंत्री निर्मला भूरिया, आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए किया प्रेरित

04 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
कोविड प्रभावित बच्चों से मिलीं मंत्री निर्मला भूरिया, आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए किया प्रेरित
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को मंत्रालय में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन और मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के 27 लाभान्वित बच्चों से मुलाकात की। बच्चों के उनके जीवन, शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। दीपावली उपहार भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया और उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना।


मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि कोविड-19 महामारी में माता-पिता अथवा अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की देखभाल, शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों से आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई जारी रखने और अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार बच्चों के संरक्षण और सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग देगी।


मंत्री ने कहा कि दोनों योजनाएं कोविड प्रभावित बच्चों के लिए सुरक्षा, विश्वास और आत्मनिर्भरता का आधार हैं। कोई भी पात्र बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा और अपने सपनों से वंचित नहीं रहना चाहिए। संवाद के दौरान बच्चों ने अपनी रुचियों, शैक्षणिक प्रगति और करियर संबंधी आकांक्षाओं को साझा किया। बच्चों ने योजना की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी विभागीय सहयोग जारी रखने का आग्रह किया।


पीएम केयर्स से 10 लाख की निधि, स्वास्थ्य बीमा और छात्रवृत्ति

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के तहत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 10 लाख रुपये की निधि का प्रावधान है। इससे 18 से 23 वर्ष तक मासिक आर्थिक सहायता तथा 23 वर्ष की आयु पर एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, कक्षा पहली से बारहवीं तक 20 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा के लिए ऋण एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है।


मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में 5 हजार रुपये प्रतिमाह

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत पात्र बच्चों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाती है। साथ ही नि:शुल्क राशन और शासकीय संस्थानों में स्कूली, उच्च, तकनीकी, चिकित्सा एवं विधि शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार का उद्देश्य बच्चों को आर्थिक कठिनाइयों से मुक्त रखते हुए शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान करना है।




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