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मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा- एक सशक्त राष्ट्र की नींव बच्चों के स्वस्थ बचपन में छिपी, जीवन के शुरुआती 6 वर्ष सबसे निर्णायक

23 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा- एक सशक्त राष्ट्र की नींव बच्चों के स्वस्थ बचपन में छिपी, जीवन के शुरुआती 6 वर्ष सबसे निर्णायक
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। प्रदेश में आयोजित 8वें 'पोषण पखवाड़ा' का गुरुवार को समापन हुआ। आईएचएम में आयोजित कार्यक्रम में महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र की नींव बच्चों के स्वस्थ बचपन में छिपी है। इसके लिए जीवन के शुरुआती 6 वर्ष सबसे निर्णायक होते हैं।


मंत्री निर्मला भूरिया ने 'मिशन पोषण 2.0' की सफलता पर कहा कि विज्ञान यह सिद्ध कर चुका है कि मनुष्य के मस्तिष्क का अधिकांश विकास उसके जीवन के शुरुआती छह वर्षों में ही हो जाता है। ऐसे में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक के 'प्रथम 1000 दिन' वह सुनहरा समय हैं, जहां सही पोषण और उचित देखभाल के जरिए एक मजबूत पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने माताओं से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि एक स्वस्थ मां ही सुपोषित भविष्य की जननी है।


मंत्री ने कहा कि'कोलोस्ट्रम' यानी मां के पहले गाढ़े पीले दूध को नवजात का 'पहला टीका' माना जाता है । उन्होंने स्तनपान की सही तकनीक और जन्म से छह माह तक केवल स्तनपान के महत्व पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि छह माह की आयु पूर्ण होने के बाद बच्चों को सही समय पर पौष्टिक ऊपरी आहार देना अनिवार्य है, जिससे उनकी शारीरिक और मानसिक वृद्धि में कोई बाधा न आए। 


'पोषण योद्धाओं’ को मंत्री ने किया सम्मानित 

मंत्री निर्मला भूरिया ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और कुपोषण निवारण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और कर्मठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इन 'पोषण योद्धाओं' की सक्रियता के कारण ही मध्यप्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति चेतना जागी है।


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