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लॉर्ड्स टेस्ट में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर और मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ का मंत्री विश्वास सारंग ने किया सम्मान

16 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
लॉर्ड्स टेस्ट में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर और मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ का मंत्री विश्वास सारंग ने किया सम्मान
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स टेस्ट में इतिहास रचने वाली भारतीय महिला क्रिकेटर क्रांति गौड़ का खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने गुरुवार को सम्मान किया। मंत्री टीटी नगर स्टेडियम में क्रांति गौड़ से मुलाकात की और उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई व शुभकामनाएं दीं।


मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि क्रांति गौड़ ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। उनकी उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को निरंतर प्रोत्साहन दे रही है। आधुनिक खेल अधोसंरचना, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल अवसरों के विस्तार का ही परिणाम है कि आज प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के बच्चे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।


मंत्री विश्वास सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि क्रांति गौड़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की हजारों बेटियों को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। आने वाले समय में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का गौरव इसी तरह बढ़ाते रहेंगे। क्रांति गौड़ ने मैच के पहली पारी में 37 रन देकर 5 विकेट चटकाए। जिसके बाद वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' पर अपना नाम दर्ज कराने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।


ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराना हर क्रिकेटर का सपना होता है: क्रांति गौड़

क्रिकेटर क्रांति गौड़ ने कहा कि लॉर्ड्स में भारत की जीत का हिस्सा बनना उनके और परिवार के लिए जीवन का सबसे बड़ा पल था। उन्होंने कहा कि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज होते देख उन्होंने उसी समय परिवार को वीडियो कॉल कर वह ऐतिहासिक क्षण साझा किया। उन्होंने कहा कि ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराना हर क्रिकेटर का सपना होता है। पहली भारतीय महिला क्रिकेटर के रूप में वहां अपना नाम दर्ज होना उनके लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके परिवार, कोच, मध्यप्रदेश और पूरे देश की है।




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