शुक्रवार, 31 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

मोहन भागवत बोले—अगर कांग्रेस राममंदिर के पक्ष में होती, तो हम उसे सपोर्ट करते! हम पॉलिटिक्स नहीं, पॉलिसीज को सपोर्ट करते हैं

10 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मोहन भागवत बोले—अगर कांग्रेस राममंदिर के पक्ष में होती, तो हम उसे सपोर्ट करते! हम पॉलिटिक्स नहीं, पॉलिसीज को सपोर्ट करते

मोहन भागवत बोले—अगर कांग्रेस राममंदिर के पक्ष में होती, तो हम उसे सपोर्ट करते! हम पॉलिटिक्स नहीं, पॉलिसीज को सपोर्ट करते

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि, संघ का किसी राजनीतिक पार्टी से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, “हम किसी पार्टी को सपोर्ट नहीं करते। संघ के बारे में लोगों की धारणा गलत है। हम सिर्फ पॉलिसीज को सपोर्ट करते हैं, पॉलिटिक्स को नहीं।”


अगर कांग्रेस राममंदिर के पक्ष में होती, तो उसे भी सपोर्ट करते

भागवत ने अपने बयान को समझाते हुए कहा, “हम राममंदिर निर्माण चाहते थे। बीजेपी भी यही चाहती थी, इसलिए हमने उसका समर्थन किया। अगर कांग्रेस भी उस समय राममंदिर के पक्ष में होती, तो हम कांग्रेस को भी सपोर्ट करते।” उनका यह बयान RSS की वैचारिक स्वतंत्रता और नीतिगत प्राथमिकता पर जोर देता है।


RSS का मकसद समाज को जोड़ना, राजनीति नहीं

मोहन भागवत ने कहा,“हम वर्तमान राजनीति, वोट की राजनीति या चुनावी राजनीति से दूर रहते हैं। हमारा काम समाज को एकजुट करना है। राजनीति से लोग बंटते हैं, इसलिए संघ इससे दूरी बनाए रखता है।”उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण है, न कि किसी राजनीतिक दल की जीत या हार।


गैर-बीजेपी पार्टियां संघवालों को एंट्री नहीं देतीं

संघ प्रमुख ने आगे कहा, “अगर कोई स्वयंसेवक राजनीति में जाना चाहता है, तो दूसरी पार्टियां उसे एंट्री ही नहीं देतीं। अगर देती भी हैं, तो कहती हैं—पहले संघ छोड़ो। सिर्फ बीजेपी ही एकमात्र पार्टी है जो संघ से जुड़े लोगों को मौका देती है।”


‘100 Years of Sangh Journey: New Horizons’

मोहन भागवत ने ये बातें बेंगलुरु में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान में कहीं। यह आयोजन 8-9 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया था।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें