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मोहन कैबिनेट में 6,940 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को दी मंजूरी, शासकीय सेवकों व पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता

23 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मोहन कैबिनेट में 6,940 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को दी मंजूरी, शासकीय सेवकों व पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत मंहगाई भत्ता
Hitesh Kumar Singh
डेस्क रिपोर्टर
Hitesh Kumar Singh

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 6,940 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। शासकीय सेवकों और पेंशनर्स के लिए 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते की वृद्धि करते हुए 58 प्रतिशत के मान से महंगाई भत्ता स्वीकृत किया है।


मंत्रि-परिषद ने रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 82 करोड़ 39 लाख रुपए की स्वीकृति दी। इस परियोजना से कुल 4500 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा का लाभ होगा। रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 18 ग्रामों के लगभग 950 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग अंतर्गत दिव्यांगता के क्षेत्र में संचालित संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिथि शिक्षक वर्ग-1 के समरूप प्रतिमाह 18 हजार रूपये मानदेय दिया जाने का निर्णय लिया गया है।


केंद्र सरकार की ओर से आंगनवाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार में की गयी वृद्धि के अनुरूप, प्रदेश के समस्त संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में 06 माह से 06 वर्ष आयुवर्ग के अति कम वजन के बच्चों के लिए पूर्व निर्धारित प्रतिदिन प्रति हितग्राही राशि 8 रूपये से बढ़ाकर 12 रुपए किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।


शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना के संचालन को मंजूरी 

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों/पुलिस/होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026 का संचालन किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार प्रतिवर्ष अन्य पिछड़े वर्ग के 4000 युवाओं को सैन्य बल एवं अन्य समकक्ष सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्र पुरूष अभ्यर्थी को 1 हजार रूपये प्रति माह तथा महिला अभ्यर्थी को 1100 रूपये प्रति माह की दर से शिष्यवृत्ति भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रदेश के 10 स्थानों पर स्थापित 40 केन्द्रों पर महिला एवं पुरूष अभ्यर्थियों को पृथक-पृथक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसमें न्यूनतम 35 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों से भरी जाएगी। निशुल्क आवासीय एवं भोजन व्यवस्था तथा अध्ययन सामग्री प्रदान की जाएगी।


ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़

मंत्रि-परिषद ने 6,940 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। 


. लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रुपए, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रुपए, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रुपए और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रुपए सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।


. जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 3 विभागीय योजनाओं अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास योजना, अनुसूचित जनजाति संस्कृति का सवंर्धन, अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं विकास संबंधी योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिये वित्तीय राशि 102 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।


. खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत लोक कल्याण से संबंधित विभिन्न योजनाओं स्मार्ट पीडीएस, मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम, उज्जवला, प्रधानमंत्री गतिशक्ति, मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना सहित अन्य योजनाओं के लिए 865 करोड़ रुपए, विभागाध्यक्ष कार्यालय म.प्र. राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की योजना के लिए राशि 354 करोड़ 03 लाख रुपए, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण के लिए 3.90 करोड़ रुपए, नियंत्रक नापतोल कार्यालय के लिए 16 करोड़ 50 लाख रुपए और खाद्य आयोग के गठन के लिए 16 करोड़ रुपए सहित 22 विभिन्न योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन की स्वीकृति प्रदान की गई है।

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