
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। इसमें सरकार के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थाई और अस्थाई पदों के विभेदीकरण को समाप्त करने के लिए स्वीकृति दी गई। वर्तमान स्वीकृत अस्थाई पदों को स्थाई पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियम में आवश्यक प्रावधान करने की स्वीकृति दी गई।
इसके साथ ही कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित कर इन पदों पर नवीन नियुक्ति न करने की भी अनुमति कैबिनेट की ओर से दी गई। वहीं, मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए राशि स्वीकृत की गई। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के संचालन और रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 के लिए राजस्व मद में 90 करोड़ 67 लाख रुपए के बजट की स्वीकृति प्रदान की गई।
तीन परियोजनाओं के दो प्रभावितों के लिए 1782 करोड रुपए का विशेष पैकेज
कैबिनेट में अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों में अपर नर्मदा, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपए का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया। परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के लिए डीपीआर में प्रावधानित 1656 करोड़ 2 लाख रुपये के अतिरिक्त 1,782 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया है।
कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय भी लिए गए
. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और अवसंरचना योजना में विभाग में 10 लाख या उससे अधिक लागत राशि के कार्य स्वीकृत किए जाने की अनुमति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार 693 करोड़ 76 लाख रूपये की लागत के लगभग 3810 कार्य पूर्ण किए जा सकेंगे।
. मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखे जाने और योजना के तहत 905 करोड़ 25 लाख रुपए के व्यय की स्वीकृति दी गई।
. वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक राज्य में 6 वन विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 48 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
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