
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वर्ष 2030-31 तक जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की निरंतरता के लिए 7,133 करोड़ 17 लाख रुपए मंजूर किए गए।
जनजातीय कार्य विभाग की पीवीटीजी आहार अनुदान योजना के लिए 2,350 करोड़ रुपए, एकीकृत छात्रावास योजना के लिए 1,703 करोड़ 15 लाख रुपए, सीएम राइज विद्यालय योजना के लिए 1,416 करोड़ 91 लाख रुपए, आवास सहायता योजना के लिए 1,110 करोड़ रुपए के साथ ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल को शुल्क की प्रतिपूर्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के अभ्यार्थियों को छात्रवृत्ति, कक्षा-9वीं की छात्रवृत्ति के लिए 522 करोड़ 8 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
महिला एवं बाल विकास की मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए 31 करोड़ 3 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अन्तर्गत विद्युत अधोसंरचना विस्तार द्वारा 63 हजार 77 अविद्युतीकृत घरों एवं 650 अविद्युतीकृत शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें केन्द्र शासन से अनुदान राशि 220 करोड़ 03 लाख रुपए तथा राज्य शासन का अंश 146 करोड़ 69 लाख रूपये का भार आएगा।
कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय भी लिए गए
. मप्र ऊर्जा विकास निगम की ओर से 8 हजार 521 घरों को ऑफ-ग्रिड से विद्युतीकरण के लिए अनुमानित लागत 97 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
. उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी संवर्ग की प्रचलित और भावी भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए सिर्फ एक बार के लिए आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित है।
. मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन का सारांशीकरण) नियम 2026 का अनुमोदन किया गया है।
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