
भोपाल। राज्य सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिखाई दिया है। बजट दस्तावेजों में वीआईपी हवाई संसाधनों को अपग्रेड करने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है। सरकार करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से नया जेट विमान और 180 करोड़ रुपये का हेलीकॉप्टर खरीदने की तैयारी में है। इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री और उच्चस्तरीय दौरों के लिए होगा इस्तेमाल
बजट में साफ किया गया है कि प्रस्तावित हेलीकॉप्टर मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के उपयोग के लिए लिया जाएगा। वहीं नया जेट विमान शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के आधिकारिक दौरे, निवेश संबंधी यात्राओं और आपात परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाएगा। विमान संचालनालय योजना के तहत इसके लिए अलग मद बनाया गया है, जिसमें शुरुआती तौर पर 8 लाख रुपये की टोकन राशि भी रखी गई है।
पुराने संसाधनों के कारण बढ़ी नई खरीद की जरूरत
सरकारी सूत्रों के मुताबिक मौजूदा हवाई संसाधन तकनीकी रूप से पुराने हो चुके हैं और उनके रखरखाव पर खर्च लगातार बढ़ रहा है। नई खरीद से सुरक्षा मानकों में सुधार, तकनीकी भरोसेमंदी और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक विमान प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ाने में मदद करेंगे।
विपक्ष ने उठाए प्राथमिकताओं पर सवाल
बजट में महंगे जेट और हेलीकॉप्टर की खरीद को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं पर ज्यादा निवेश की जरूरत है। ऐसे में करोड़ों रुपये की हवाई खरीद को लेकर प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं और राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
सरकार का तर्क: प्रशासन और आपदा प्रबंधन के लिए जरूरी
सरकार की ओर से कहा गया है कि तेज, सुरक्षित और आधुनिक हवाई साधन प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ निवेश आकर्षित करने और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी निविदा प्रणाली के तहत की जाएगी।
GPF नियमों में बदलाव का भी प्रस्ताव
इसी बजट में कर्मचारियों की सामान्य भविष्य निधि (GPF) से जुड़ी बड़ी घोषणा भी की गई है। करीब 71 साल बाद जमा राशि निकालने की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट में जहां प्रशासनिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने की पहल दिखी, वहीं वित्तीय प्राथमिकताओं को लेकर बहस भी जारी है।
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