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CM Mohan Yadav Birthday: टाइगर रिजर्व में कछुए छोड़ेंगे, चीतों के लिए की जाएगी नई पहल

25 मार्च, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
CM Mohan Yadav Birthday: टाइगर रिजर्व में कछुए छोड़ेंगे, चीतों के लिए की जाएगी नई पहल
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। अपने जन्मदिन को खास अंदाज़ में मनाने जा रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार प्रकृति और वन्यजीवों के बीच नजर आएंगे। 62वें जन्मदिन पर उनका पूरा दिन पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रहेगा।


जन्मदिन पर प्रकृति को समर्पित दिन

25 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का शेड्यूल बेहद व्यस्त है। वे वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व पहुंचकर बामनेर नदी में करीब एक दर्जन कछुओं को छोड़ेंगे। यह पहल जैव विविधता को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही, वे यहां चीतों के पुनर्वास के लिए बनाए जाने वाले “सॉफ्ट रिलीज बोमा” का भूमि-पूजन भी करेंगे। यह परियोजना प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा दे सकती है।


क्या है वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व?

मध्यप्रदेश का यह टाइगर रिजर्व क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा है।


मुख्य विशेषताएं:

- कुल क्षेत्रफल: 2339 वर्ग किलोमीटर

- जुड़े जिले: सागर, दमोह और नरसिंहपुर

- कुल गांव: 72

- स्थापना: 2023 में टाइगर रिजर्व घोषित

- देश में स्थान: 54वां टाइगर रिजर्व


यह इलाका खासतौर पर भेड़ियों की बड़ी आबादी के लिए जाना जाता है, जो इसे अन्य अभयारण्यों से अलग पहचान देता है।


चीतों के लिए नया ठिकाना बनेगा रिजर्व

वन विभाग के मुताबिक, इस टाइगर रिजर्व का भूगोल चीतों के लिए अनुकूल माना जा रहा है। यही कारण है कि भविष्य में कूनो अभयारण्य से चीतों को यहां स्थानांतरित करने की योजना तैयार की गई है। “सॉफ्ट रिलीज बोमा” के जरिए चीतों को नए वातावरण में धीरे-धीरे ढालने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे उनकी सुरक्षा और अनुकूलन बेहतर हो सके।


जैव विविधता का अनोखा संसार

यह टाइगर रिजर्व सिर्फ बाघों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां कई दुर्लभ और आकर्षक प्रजातियां मौजूद हैं।


यहां पाए जाते हैं:

- टाइगर और पैंथर

- भेड़िया, भालू, सियार

- लकड़बग्घा और लोमड़ी

- नीलगाय, चिंकारा, काला हिरण

- चौसिंगा और जंगली सुअर

- कछुए और मगरमच्छ


इसके अलावा, यहां 240 से ज्यादा पक्षियों की प्रजातियां भी पाई जाती हैं, जो इसे बर्ड वॉचिंग के लिए शानदार स्थान बनाती हैं।


पर्यटन और रोजगार की नई संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि इस टाइगर रिजर्व के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है।

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