
भोपाल। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और सप्लाई चेन संकट के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने अब बचत पर जोर देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से साफ कहा कि सिर्फ विभागों में ही नहीं, बल्कि निजी स्तर पर भी खर्च कम किए जाएं। सीएम ने मंत्रियों से जनता को भी बचत और संसाधनों के समझदारी से उपयोग के लिए प्रेरित करने को कहा। यह संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से गैरजरूरी खर्च कम करने की बात कही थी।
कैबिनेट बैठक में उठा साइकिल और वाहन शेयरिंग का मुद्दा
कैबिनेट बैठक के बाद जब मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप मीडिया से बात कर रहे थे, तब पत्रकारों ने सीधे सवाल दाग दिए। पूछा गया कि क्या अब मंत्री साइकिल से मंत्रालय आएंगे? क्या वाहन साझा किए जाएंगे और लंबे काफिले कम होंगे? सवाल यह भी उठा कि सरकार केवल जनता से ही बचत की उम्मीद कर रही है या खुद भी उदाहरण पेश करेगी। इन सवालों ने बैठक के संदेश को राजनीतिक बहस में बदल दिया।
मंत्री कश्यप बोले- मैं तो वेतन भी नहीं लेता
इन सवालों पर मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि मंत्रियों को सामान्य तौर पर एक ही वाहन आवंटित होता है। सुरक्षा कारणों से कुछ अतिरिक्त वाहन रहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं तो वेतन भी नहीं लेता। यह पूरी तरह स्वैच्छिक है। जितना कोई पालन कर सके, उतना अच्छा है।” कश्यप ने यह भी कहा कि मंत्री भी जनता के बीच से ही आते हैं और उन्हें भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पहले दिन कम दिखा असर, ज्यादातर मंत्री काफिले के साथ पहुंचे
हालांकि पीएम मोदी और मुख्यमंत्री की अपील का असर पहले दिन मंत्रालय में ज्यादा दिखाई नहीं दिया। अधिकांश मंत्री अपने काफिले के साथ ही मंत्रालय पहुंचे। लेकिन मंत्री कृष्णा गौर और संपत्तिया उइके ने अलग तस्वीर पेश की। दोनों मंत्री एक ही वाहन में मंत्रालय पहुंचीं। बताया गया कि दोनों का निवास आसपास होने के कारण उन्होंने वाहन साझा किया।
मुख्यमंत्री ने बचत के लिए दिए कई सुझाव
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रियों से कहा कि वे जनता को भी राष्ट्रहित में बचत के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
किसानों और यात्राओं को लेकर भी अहम अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से डीजल पंप की जगह सोलर पंप अपनाने और रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आग्रह किया। सरकार का मानना है कि इससे पेट्रोलियम और उर्वरक आयात पर दबाव कम होगा। इसके अलावा माल ढुलाई में रेलवे की गुड्स ट्रेन सेवाओं के ज्यादा इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की भी बात कही गई।
सरकार ने लोगों से अपील की कि यदि बहुत जरूरी न हो तो अगले एक साल तक विदेश यात्रा टालें और देश के भीतर ही पर्यटन को प्राथमिकता दें। अब देखना होगा कि बचत का यह संदेश जमीन पर कितना असर दिखाता है।
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