
गौतमपुरा के मैदान में जैसे ही सीएम डॉ. मोहन यादव ने बटन दबाया—पूरा प्रदेश तालियों से गूंज उठा! एक क्लिक… और मध्यप्रदेश के सवा लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 249 करोड़ रुपये पहुंच गए। सोयाबीन का भाव गिरा तो किसानों की चिंता बढ़ी, लेकिन सरकार ने पूरा खेल पलटते हुए भावांतर की भारी राशि ट्रांसफर कर दी। कार्यक्रम में मौजूद किसानों में खुशी की जो लहर दौड़ी, उसने माहौल को त्योहार में बदल दिया।
भावांतर योजना के तहत 1.25 लाख किसानों को बड़ी राहत
सीएम मोहन यादव ने इंदौर जिले की देपालपुर विधानसभा के गौतमपुरा कार्यक्रम से पूरे प्रदेश के किसानों के खातों में सोयाबीन भावांतर योजना की राशि भेजी। कार्यक्रम से पहले सीएम ने विशाल रोड शो किया, जहां हजारों ग्रामीणों ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। सीएम मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा, “किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। सोयाबीन का MSP हर हाल में दिलाया जाएगा, यह प्रदेश सरकार की गारंटी है।”
सोयाबीन एमएसपी की गारंटी — 2025 तक लागू
प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना 2025 लागू करते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी किसान को सोयाबीन का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम नहीं मिलेगा।
यदि मंडी में भाव कम मिलता है तो शेष अंतर की पूरी राशि राज्य सरकार देगी — जो आज किया गया।
26 नवंबर का मॉडल रेट — 4265 रुपये/क्विंटल
भावांतर भुगतान की गणना के लिए राज्य सरकार ने 26 नवंबर का 4265 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया है। यह मॉडल रेट उन किसानों पर लागू होगा जिन्होंने मंडी में सोयाबीन बेचा है। सरकार की गारंटी — किसानों को हर हाल में 5328 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिलेगा।
सोयाबीन के अब तक के मॉडल रेट — दिनवार सूची
7 नवंबर : 4020
8 नवंबर : 4033
9 & 10 नवंबर : 4036
11 नवंबर : 4056
12 नवंबर : 4077
13 नवंबर : 4130
14 नवंबर : 4184
15 नवंबर : 4225
16 नवंबर : 4234
17 नवंबर : 4236
18 नवंबर : 4255
19 नवंबर : 4263
20 नवंबर : 4267
21 नवंबर : 4271
22 नवंबर : 4285
23 & 24 नवंबर : 4282
25 नवंबर : 4277
26 नवंबर : 4265
मॉडल रेट (रु./क्विंटल)
मॉडल रेट जितना MSP से कम — उतनी रकम सरकार भावांतर के रूप में ट्रांसफर कर रही है।
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