
भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल मानसून ने देरी से दस्तक दी है। 24 जून को मानसून की मध्यप्रदेश में आधिकारिक रूप से एंट्री की घोषणा की गई। अपने नियत तिथि से पहले ही 9 दिन लेट मध्यप्रदेश में पहुंचे मानसून ने अभी मात्र 15 जिलों में ही एंट्री की है और तब से ठहरा हुआ है। प्रदेश के बाकी हिस्से जून के आख़िरी सप्ताह के खत्म होते होते भी मानसून के सक्रिय होने के इंतजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठे हैं लेकिन मानसून का रुख देखते हुए अभी 2-3 दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि इस बीच कई जिलों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। शुक्रवार को सिवनी में करीब 2 इंच पानी गिर गया,वहीं उज्जैन में भी डेढ़ इंच पानी गिरा। इसके अलावा इंदौर,मंदसौर,देवास, राजगढ़,शिवपुरी, मंडला,रीवा,सागर,बालाघाट,खंडवा,आगर-मालवा सहित कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। मौसम विभाग ने शनिवार को 43 जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।प्रदेश में मानसून की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
प्रदेश में अधिकतम सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद एक तरफ कई जिलों में बारिश से लोगों को राहत मिली है, तो दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस अब भी लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। शुक्रवार को भी प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से ज्यादा दर्ज किय गया। दतिया 40.6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। सीधी में भी तापमान 40.2 डिग्री पहुंच गया, इसके अलावा करीब 10 जिलों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री से अधिक रहा। वहीं खंडवा 30.2 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। अगर प्रदेश के 5 प्रमुख शहरों की बात करें, तो भोपाल में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री, इंदौर में 33.8 डिग्री, उज्जैन में 33.5 डिग्री, जबलपुर में 36.7 डिग्री और ग्वालियर में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के देरी से आने की वजह से अभी तक प्रदेश में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है
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