
नई दिल्ली। देशभर में मानसून की गतिविधियां एक जैसी नहीं बनी हुई हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश जारी है।
मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों के चलते पूर्वी भारत में नमी अधिक बनी हुई है। इसी वजह से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम भारत तक पर्याप्त नम हवाएं नहीं पहुंच रही हैं, जिससे वहां बारिश कम हो रही है।
पूर्वी भारत में क्यों सक्रिय है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं पूर्वी भारत में केंद्रित हो गई हैं। इसी कारण पश्चिम-उत्तर भारत में वर्षा की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।
विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि नया लो-प्रेशर सिस्टम बनने या मानसून ट्रफ के पश्चिम की ओर खिसकने के बाद इन राज्यों में फिर से अच्छी बारिश शुरू हो सकती है।
ओडिशा में रेड अलर्ट, पुरी पर खास नजर
मौसम विभाग ने ओडिशा के कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। पुरी में आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले 24 घंटे में बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिमी बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से बुधवार से शुक्रवार सुबह तक पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
असम और अरुणाचल में बाढ़ का कहर
लगातार बारिश और लैंडस्लाइड ने अरुणाचल प्रदेश के 4 जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं।
1.02 लाख से अधिक लोग प्रभावित
7 लोगों की मौत
29 लोग घायल
असम के कई गांव भी प्रभावित
असम में भी बाढ़ का असर जारी है। राज्य के 6 जिलों के 99 गांव जलमग्न हैं।
37,032 लोग प्रभावित
सबसे अधिक असर लखीमपुर जिले में दर्ज किया गया है।
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