
भोपाल। मध्य प्रदेश में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं का बिगुल बज चुका है। इस साल करीब 16 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में बैठेंगे, जिसके लिए पूरे प्रदेश में हजारों परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल पर रोक लगाने और परीक्षा को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार सख्त इंतजाम किए हैं—फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और थानों से प्रश्नपत्र निकालने तक की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है।
10 फरवरी से शुरू होंगी 12वीं की परीक्षाएं
मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल पहले ही जारी किया जा चुका है।
12वीं की परीक्षाएं: 10 फरवरी से शुरू
10वीं की परीक्षाएं: तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित
इस बार कुल 16 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा देंगे।
कक्षा 10वीं: लगभग 9 लाख 7 हजार छात्र
कक्षा 12वीं: करीब 7 लाख छात्र
इतने बड़े स्तर की परीक्षाओं को नकलमुक्त और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए शिक्षा विभाग ने महीनों पहले तैयारियां शुरू कर दी थीं।
प्रदेशभर में 3856 परीक्षा केंद्र
बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे मध्य प्रदेश में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
राजधानी भोपाल की बात करें तो:
10वीं के 30,746 छात्र
12वीं के 26,627 छात्र
कुल परीक्षा केंद्र: 104
हर जिले में चार-चार फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं। दो स्क्वॉड विकासखंड स्तर पर, दो स्क्वॉड जिला स्तर पर। हर स्क्वॉड में तीन अधिकारी होंगे। इनका काम परीक्षा के दौरान औचक निरीक्षण कर गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करना होगा।
स्कूलों को सख्त निर्देश
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित टाइमटेबल की जानकारी हर छात्र तक पहुंचे।
स्कूलों से कहा गया है कि वे नोटिस बोर्ड पर सूचना लगाएं, मॉर्निंग असेंबली में घोषणा करें और अभिभावक व्हाट्सएप ग्रुप में टाइमटेबल साझा करें। शिक्षकों को व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी छात्र पुरानी तारीखों के कारण परीक्षा से वंचित न रहे।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम
जिला शिक्षा अधिकारी एन.के. अहिरवार के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों पर कड़ी व्यवस्था लागू रहेगी। सुबह 8:30 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा, केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ पर रोक, सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, लगातार मॉनिटरिंग और सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होंगी।
चयनित केंद्रों की भोपाल से सीधी निगरानी
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हर जिले के पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष निगरानी के लिए चुना है। इन केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारी लगातार उड़नदस्तों के जरिए औचक निरीक्षण करते रहेंगे।
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