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मुरैना में मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं, खिलाड़ियों को 2 लाख रुपये, दीपावली से पहले होगा चंबल औद्योगिक सम्मेलन

17 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मुरैना में मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं, खिलाड़ियों को 2 लाख रुपये, दीपावली से पहले होगा चंबल औद्योगिक सम्मेलन
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था में नागरिकों की शिकायतों को प्राथमिकता देने की बात कही। उनके निर्देशों का आशय है कि आम लोगों की समस्याएं शुरुआती स्तर पर ही सुलझाई जाएं, ताकि शिकायतें बढ़ने से पहले उनका समाधान हो सके।


उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से कार्रवाई होनी चाहिए तथा तय समय-सीमा में नतीजा सामने आना चाहिए।


अधिकारियों के कामकाज की निगरानी में अनियमितता मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात भी कही गई। शासन-प्रशासन का उद्देश्य जनता के हित में काम करना और समस्याओं का समय पर निराकरण करना बताया गया।


महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को नोटिस

इनपुट के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) ओ.पी. पांडे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी में नोटिस जारी करने के कारण या आगे की कार्रवाई का विवरण नहीं दिया गया है।


जिला विकास समिति से बनेगा विकास का रोडमैप

मुख्यमंत्री ने जिला विकास समिति को जिले की जरूरतों और विकास की संभावनाओं पर चर्चा करने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि वे स्थानीय समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास संबंधी सुझावों को समिति के सामने रखें।


योजनाएं तैयार करते समय स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। लक्ष्य हर जिले को विकास का आदर्श मॉडल बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और प्रगति के संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। मध्य प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार देने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने और पर्यटन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए काम कर रही है।


दीपावली से पहले चंबल संभाग में औद्योगिक सम्मेलन

मुरैना में उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाना और नए उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।


उद्यम संवाद कार्यक्रम में करीब 20 उद्यमियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने शासन से मिले सहयोग, उपलब्ध सुविधाओं और अलग-अलग विभागों के साथ समन्वय के अपने अनुभव साझा किए।


मुख्यमंत्री ने उद्योगों की स्थापना और विस्तार में शासन की ओर से हरसंभव सहयोग देने की बात कही। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय संसाधनों का उपयोग बेहतर होने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद जताई गई।


चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र पर चर्चा

बैठक में चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर उद्यमियों के साथ चर्चा हुई। इसके साथ नए औद्योगिक क्षेत्रों, औद्योगिक क्लस्टर और पर्यटन गतिविधियों के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया गया।


मुख्यमंत्री के मुताबिक, औद्योगिक परियोजनाएं निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती हैं। स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की संभावनाओं के अनुसार उद्योगों का विस्तार करने से जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है और युवाओं को अपने क्षेत्र में काम मिल सकता है।


कृषि अपशिष्ट से उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहन

औद्योगिक विकास में नवाचार और पर्यावरण संरक्षण को भी महत्वपूर्ण बताया गया। कृषि अपशिष्ट का उपयोग करके नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया, ताकि संसाधनों का उपयोग बढ़े और पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।


राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में निवेश को प्रोत्साहित करना, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना शामिल बताया गया।


उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने उद्योगों की मांग और युवाओं के कौशल के बीच तालमेल बनाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का उद्देश्य युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ाना है।


मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की बात कही गई।


डेयरी विकास से किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा पशुपालन और कृषि को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आमदनी में वृद्धि करना है।


उन्होंने सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और छोटे दुग्ध उत्पादकों को संगठित होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। देशी नस्ल की गायों का संरक्षण और संवर्धन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया गया।


गायों के पालन के लिए प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता

इनपुट में दी गई जानकारी के अनुसार, गायों के पालन-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर नस्लों के संवर्धन के जरिए दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।


वृंदावन ग्राम के माध्यम से गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने की बात कही गई। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना जताई गई।


कृषि प्रसंस्करण और महिला समूहों को आजीविका से जोड़ने की योजना

किसानों को पारंपरिक खेती के साथ मूल्य संवर्धन और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। इससे उपज का बेहतर उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के अवसर विकसित हो सकते हैं।


महिला स्वसहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की बात भी कही गई। इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।


मुरैना में पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और वेलनेस सेंटर की संभावनाएं

मुरैना जिले में प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म तथा वेलनेस सेंटर विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।


चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी विकास के एजेंडे में शामिल है। उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।


खिलाड़ियों के लिए 2 लाख और 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा उनकी उपलब्धियों का सम्मान करने की बात कही।


पुरस्कार राशि की घोषणा दो श्रेणियों में की गई है:

2-2 लाख रुपये: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए।

1-1 लाख रुपये: राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए।


मुरैना जिले के पांच खिलाड़ियों को पुरस्कार दिए जाने की जानकारी दी गई है। इनके नाम हैं:

भारत रावत

सौरभ रजक

रिंकी

नंदनी चौहान

अंकिता कुशवाह


खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में जिला विकास समिति, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए मिलकर व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।

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