
मुरैना रेल हादसा एक दर्दनाक सबक बनकर सामने आया है। आग और मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच ट्रेन से नीचे उतरे यात्रियों पर दूसरी दिशा से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस चढ़ गई। इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि रेलवे अधिकारियों ने की है। झांसी रेलवे डिवीजन के DRM अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि हादसे में चार लोगों की जान गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम की जड़ एक अफवाह थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कुछ ही मिनटों में हालात इतने भयावह कैसे हो गए।
क्या था पूरा घटनाक्रम?
हादसा मध्यप्रदेश के हेतमपुर रेलवे जंक्शन के पास हुआ। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में किसी ने अलार्म चेन खींच दी, जिसके बाद ट्रेन रुक गई। इसी दौरान कोच में आग लगने और मोबाइल ब्लास्ट की बातें फैलने लगीं। घबराए यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, ट्रेन से उतरकर पास की रेलवे पटरी पर पहुंच गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ सेकंड में बड़ा हादसा होने वाला है।
घुमावदार ट्रैक बना सबसे बड़ी वजह
रेलवे सूत्रों के अनुसार, हादसे वाली जगह पर ट्रैक में करीब 1.8 मीटर का कर्व है। इसी कारण आगरा की ओर से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस के लोको पायलट को ट्रैक पर मौजूद यात्री समय रहते दिखाई नहीं दिए। बताया गया कि ट्रेन लगभग 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। करीब 600 मीटर पहले यात्रियों को देखकर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन दूरी कम होने के कारण ट्रेन समय पर नहीं रुक सकी। नतीजतन 4 लोग उसकी चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया अंदर कैसा था माहौल
ट्रेन में सफर कर रहे नदीम ने बताया कि चेन पुलिंग के बाद जैसे-जैसे ट्रेन की रफ्तार कम हुई, वैसे-वैसे आग लगने की अफवाह तेजी से फैलने लगी। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो धुआं दिखा और न ही आग की लपटें, लेकिन यात्रियों में दहशत फैल गई थी। नदीम के मुताबिक, उन्होंने अपने बड़े बेटे को कोच में ही रुकने को कहा, जबकि पत्नी और छोटे बेटे को नीचे सुरक्षित जगह पर खड़ा किया। जब वह दोबारा बाहर आए तो दोनों को मृत पाया। यह मंजर उनके लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया।
मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह से बढ़ी भगदड़
बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा ने बताया कि कोच में मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा होते ही अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन रुकते ही कई यात्री बिना स्थिति की पुष्टि किए नीचे उतर गए और ट्रैक की ओर चले गए। घटना की जानकारी मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया तथा पूरे मामले की जांच भी शुरू कर दी गई।
हादसे में किन लोगों की गई जान?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में जिन 4 लोगों की मौत हुई, उनके नाम इस प्रकार हैं—
बिरमा देवी (60), पत्नी गिरधारी गिरी, बीकानेर
आफरीन (35), पत्नी नदीम खान, आगरा
असद खान (4), पुत्र नदीम खान, आगरा
शकुंतला (60), पत्नी भूरी सिंह परमार, आगरा
अफवाह ने ले ली चार जिंदगियां
प्रारंभिक जानकारी से संकेत मिलता है कि यदि आग और मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह नहीं फैलती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। रेलवे प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि चेन पुलिंग किसने की और अफवाह कैसे फैली। यह घटना एक बार फिर बताती है कि बिना पुष्टि की सूचना पर घबराहट कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

