
भोपाल। मध्य प्रदेश में 50 लाख लोगों को उनके आवासीय पट्टों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए सरकार मुफ्त रजिस्ट्री कराने जा रही है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा।
सरकार ने इसके लिए राजस्व विभाग के 20,215 अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी है। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद लाभार्थियों को दस्तावेज की प्रति हाथ में मिलेगी और जमीन संपत्ति के रूप में मान्य होगी।
तीन चरणों में पूरी होगी रजिस्ट्री
सरकार ने इस अभियान के तहत आवासीय पट्टों की रजिस्ट्री का काम एक महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में होगी।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होगी और 17 अक्टूबर तक सभी पात्र लोगों की रजिस्ट्री पूरी करने की योजना है।
रजिस्ट्री के बाद संबंधित लोगों को उसकी प्रति भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आवासीय पट्टे वाली जमीन पर उनका मालिकाना हक मजबूत होगा।
पट्टे होने के बावजूद नहीं मिल रहा था पूरा लाभ
स्वामित्व योजना के तहत इन लोगों को पहले आवासीय पट्टे दिए जा चुके हैं। लेकिन पंजीकरण नहीं होने के कारण ये दस्तावेज व्यवहारिक तौर पर उपयोगी नहीं थे।
पंजीकृत दस्तावेज न होने से ऐसी जमीन को संपत्ति में शामिल नहीं किया जाता था। बैंक से कर्ज लेने के लिए भी इन पट्टों के आधार पर पात्रता नहीं बनती थी।
रजिस्ट्री के बाद स्थिति बदल जाएगी। पट्टे वाली जमीन को संपत्ति में गिना जा सकेगा और उसके आधार पर बैंक से कर्ज लेने की सुविधा मिल सकेगी।
20 हजार से ज्यादा राजस्वकर्मियों को जिम्मेदारी
तेजी से रजिस्ट्री पूरी कराने के लिए सरकार ने राजस्व विभाग के बड़े अमले को इस काम में लगाया है।
3,771 तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक
16,444 पटवारी
कुल 20,215 राजस्व अधिकारी-कर्मचारी
पटवारियों को भी अभियान की प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जबकि तहसील स्तर के अधिकारियों को रजिस्ट्री से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं।
तहसीलदारों को क्यों मिले पंजीयक के अधिकार?
इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्री का काम केवल सामान्य पंजीयन कार्यालयों के जरिए एक महीने में पूरा करना मुश्किल था। इसी वजह से सरकार ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों को आवश्यक अधिकार दिए हैं।
यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार के सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन सेवा के 25 साल पूरे होने के अवसर पर शुरू किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश ने इस अभियान में गरीबों को आवासीय पट्टों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य रखा है।
सीएम की वीसी में मुरैना कलेक्टर को लगी फटकार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की। यह इस अभियान को लेकर उनकी दूसरी वीसी थी।
बैठक में कलेक्टरों से मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर तैयारियों की जानकारी ली गई। इसी दौरान मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने अभियान की तारीख बताते समय गलती कर दी।
उन्होंने फ्लो में 17 सितंबर की जगह 17 नवंबर कह दिया। मुख्यमंत्री ने तुरंत उन्हें टोका और कहा कि जब इतने महत्वपूर्ण अभियान की तारीख ही याद नहीं रहेगी, तो काम कैसे चलेगा। उन्होंने सही तारीख याद रखने की बात कही।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक क्या होगा?
सेवा संकल्प अभियान के तहत एक महीने में बड़े स्तर पर आवासीय पट्टों का पंजीयन कराया जाएगा। इसका सीधा उद्देश्य पहले से दिए गए पट्टों को पंजीकृत दस्तावेज में बदलकर लाभार्थियों को संपत्ति संबंधी अधिकारों का वास्तविक लाभ देना है।
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