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MP Agriculture Report: खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश का दबदबा, देश के टॉप राज्यों में बनाई मजबूत पहचान

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MP Agriculture Report: खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश का दबदबा, देश के टॉप राज्यों में बनाई मजबूत पहचान

MP Agriculture Report: खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश का दबदबा, देश के टॉप राज्यों में बनाई मजबूत पहचान

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश खाद्यान्न, दलहन और तिलहन उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है, जिससे किसानों की बढ़ती क्षमता और कृषि विस्तार का संकेत मिलता है।


खाद्यान्न उत्पादन में दूसरा स्थान, राष्ट्रीय हिस्सेदारी 13% से ज्यादा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार प्रदेश ने कुल 46.63 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन दर्ज किया है। यह राष्ट्रीय उत्पादन का करीब 13.04 प्रतिशत है, जिससे मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। गेहूं उत्पादन में भी प्रदेश ने 24.51 मिलियन टन का आंकड़ा छूते हुए अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। विशेषज्ञों का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और नई कृषि तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन में यह बढ़ोतरी संभव हुई है।


मक्का और मोटे अनाज में भी मजबूत प्रदर्शन

मक्का उत्पादन में मध्यप्रदेश ने 6.64 मिलियन टन उत्पादन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वहीं न्यूट्री और कोर्स सीरियल्स यानी मोटे अनाज में 7.78 मिलियन टन उत्पादन दर्ज कर राज्य ने तीसरा स्थान हासिल किया। पोषण सुरक्षा और बदलती खाद्य आदतों के कारण मोटे अनाज की मांग बढ़ रही है, जिसका फायदा प्रदेश के किसानों को मिल रहा है।


दलहन उत्पादन में नंबर वन बना मध्यप्रदेश

दलहन उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। कुल 5.24 मिलियन टन उत्पादन के साथ राष्ट्रीय हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से ज्यादा रही। चना उत्पादन में भी राज्य शीर्ष तीन राज्यों में शामिल रहा और करीब 2.11 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया। कृषि विशेषज्ञ इसे प्रदेश की जलवायु और मिट्टी की अनुकूलता का परिणाम मानते हैं।


तिलहन और सोयाबीन में भी मजबूत स्थिति

तिलहन फसलों में भी प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8.25 मिलियन टन उत्पादन किया और देश में दूसरा स्थान हासिल किया। खासतौर पर सोयाबीन उत्पादन में मध्यप्रदेश की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनी हुई है।


सोयाबीन उत्पादन: 5.38 मिलियन टन


राष्ट्रीय हिस्सेदारी: करीब 35.27%


मूंगफली उत्पादन में भी राज्य तीसरे स्थान पर रहा और लगभग 1.55 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया।


क्यों अहम है यह उपलब्धि?

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते उत्पादन से न केवल किसानों की आय में सुधार होगा बल्कि खाद्य सुरक्षा और निर्यात के अवसर भी मजबूत होंगे। सरकार की योजनाएं, बेहतर बीज और सिंचाई सुविधाएं इस सफलता के पीछे प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

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