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MP में शस्त्र लाइसेंस के नियम बदलेंगे, ऑफलाइन आवेदन होंगे बंद, कारतूसों की खरीद-बिक्री का भी बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

31 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP में शस्त्र लाइसेंस के नियम बदलेंगे, ऑफलाइन आवेदन होंगे बंद, कारतूसों की खरीद-बिक्री का भी बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस बनवाने और उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और हथियारों से लेकर कारतूसों की खरीद-बिक्री तक का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज होगा।


इस बदलाव के लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम नया पोर्टल तैयार कर रहा है। इसे केंद्र सरकार के नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (NDAL) से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश के सभी शस्त्र लाइसेंसों की जानकारी एक ही डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध रहेगी।


2.40 लाख शस्त्र लाइसेंसों की वैधता पर सवाल, रिकॉर्ड में मिली खामी

प्रदेश में करीब 2.40 लाख शस्त्र लाइसेंसों की वैधता समाप्त होने की जानकारी सामने आई है। इसकी प्रमुख वजह NDAL पोर्टल पर लाइसेंस नवीनीकरण और दूसरे आवेदनों के निराकरण से जुड़ी जानकारी अपडेट नहीं होना बताई गई है।


नई डिजिटल व्यवस्था में आवेदन जमा होने से लेकर उसके अंतिम निराकरण तक हर चरण का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। इससे प्रशासन को लाइसेंस की स्थिति पर नजर रखने और रिकॉर्ड में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।


कारतूस खरीदने से लेकर हथियार बेचने तक का हिसाब रहेगा ऑनलाइन

नई व्यवस्था में सिर्फ शस्त्र लाइसेंस ही नहीं, बल्कि कारतूसों के लेनदेन पर भी डिजिटल निगरानी रखी जाएगी। हथियार विक्रेताओं को प्रत्येक खरीद और बिक्री का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा।


इस रिकॉर्ड से प्रशासन यह जानकारी प्राप्त कर सकेगा कि किसी लाइसेंसधारक ने किस तारीख को, किस विक्रेता से और कितने कारतूस खरीदे हैं।


कारतूसों की वास्तविक खपत और उनके इस्तेमाल का रिकॉर्ड किस प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जाएगा, इस बारे में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।


शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए देने होंगे ये दस्तावेज

नए सिरे से शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को अपनी पहचान, निवास और आर्थिक स्थिति से संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे।


आवेदन के दौरान प्रमुख रूप से ये प्रमाण पत्र जरूरी होंगे:

  1. पहचान पत्र।

  2. निवास प्रमाण पत्र।

  3. मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र।

  4. आय प्रमाण पत्र।


आवेदक की आपराधिक मामलों में संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। लाइसेंस देने से पहले सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर पात्रता का परीक्षण किया जाएगा।


शूटिंग खिलाड़ियों के आवेदन का भी होगा सत्यापन

नई व्यवस्था में शूटिंग खिलाड़ियों को शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय अतिरिक्त सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत खिलाड़ियों के आवेदनों की पुष्टि स्टेट राइफल एसोसिएशन या नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से कराई जाएगी।


हथियारों के हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से पूरी होगी। इससे लाइसेंसधारी और हथियार के स्वामित्व में होने वाले बदलावों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा।


MP Online से भी कर सकेंगे आवेदन, कलेक्टरों को निर्देश

आवेदकों की सुविधा के लिए एमपी ऑनलाइन के जरिए भी शस्त्र लाइसेंस संबंधी आवेदन करने का विकल्प उपलब्ध रहेगा। हालांकि, प्रदेश में ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन इसका निर्धारित तरीके से पूरी तरह पालन नहीं हो रहा था। इसी समस्या को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं कि शस्त्र लाइसेंस से जुड़े आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएं।


गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने क्या कहा?

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला के मुताबिक, प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस के सभी प्रकार के आवेदन ऑनलाइन लेने का प्रावधान पहले से है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यवस्था का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं। अब लाइसेंस से संबंधित कोई भी आवेदन ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

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