बुधवार, 29 जुलाई 2026
Logo
Madhaya Pradesh

MP से असम तक ‘वन्यजीव डील’ की तैयारी! बाघ-तेंदुए देंगे, बदले में गेंडे और जंगली भैंसे लाएगी मोहन सरकार

16 दिस, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Assam Wildlife Exchange: बाघ-तेंदुओं के बदले गेंडे और जंगली भैंसे लाने की तैयारी, CM मोहन यादव का प्रस्ताव

MP Assam Wildlife Exchange: बाघ-तेंदुओं के बदले गेंडे और जंगली भैंसे लाने की तैयारी, CM मोहन यादव का प्रस्ताव

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

मध्य प्रदेश और असम के बीच जल्द ही वन्यजीवों का ऐतिहासिक आदान-प्रदान देखने को मिल सकता है। एमपी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस संबंध में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को पत्र लिखकर बड़ा प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत मध्य प्रदेश अपने बाघ और तेंदुए देने को तैयार है, जबकि बदले में जंगली भैंसे और एक-सींग वाले गेंडे एमपी लाए जाएंगे।


एनिमल एक्सचेंज को लेकर अहम प्रस्ताव

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से असम सरकार को भेजा गया यह प्रस्ताव एनिमल एक्सचेंज के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच आगे बातचीत तेज हो सकती है और जल्द ही वन्यजीवों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।


कान्हा में जंगली भैंस बसाने को मिली मंजूरी

सीएम मोहन यादव ने पत्र में उल्लेख किया है कि नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने नवंबर 2024 में कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसे बसाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इसके तहत असम से 20 जंगली भैंसे, छत्तीसगढ़ से 15, महाराष्ट्र से 15 जंगली भैंसे कुल 50 जंगली भैंसों को मध्य प्रदेश लाने की अनुमति मिल चुकी है।


गेंडों के जीन पूल पर भी काम तेज

पत्र में यह भी बताया गया है कि मध्य प्रदेश में एक-सींग वाले गेंडों के लिए जीन पूल तैयार किए जा रहे हैं। इसी के तहत गेंडों के जोड़े एमपी लाने की तैयारियां चल रही हैं। बदले में मध्य प्रदेश से बाघ और तेंदुए असम सहित अन्य राज्यों को दिए जाएंगे।


असम में सबसे ज्यादा एक-सींग वाले गेंडे

असम में देश में सबसे अधिक एक-सींग वाले गेंडे पाए जाते हैं।

कुल संख्या: 3,323

इनमें से 300 से अधिक गेंडे असम में हैं

सबसे ज्यादा गेंडे काजीरंगा नेशनल पार्क में मौजूद हैं

वहीं भारत में जंगली भैंसों की कुल आबादी करीब 4000 मानी जाती है, जो मुख्य रूप से असम, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में पाई जाती है।


एमपी से विलुप्त हो चुके हैं जंगली भैंसे

कभी मध्य प्रदेश में भी जंगली भैंसे पाए जाते थे, लेकिन समय के साथ वे पूरी तरह विलुप्त हो गए। वर्ष 2023 के बाद इन्हें फिर से बसाने की दिशा में प्रयास शुरू हुए थे, लेकिन उस समय दोनों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन सकी थी।


अब तेजी से आगे बढ़ रही प्रक्रिया

अब इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संभावना है कि जल्द ही असम के वन्यजीव मध्य प्रदेश आएंगे और मध्य प्रदेश के वन्यजीव असम भेजे जाएंगे इसके अलावा एमपी के वन्यजीवों को अन्य राज्यों में भेजने को लेकर भी राज्य सरकारों के बीच बातचीत हो चुकी है।

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें