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मध्य प्रदेश विधानसभा में 14 विधेयक पेश, राजमार्ग शुल्क से लेकर नए स्वास्थ्य विश्वविद्यालय तक बड़े प्रस्ताव

21 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
यह AI जनरेटेड फोटो है।

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Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को राज्य सरकार ने 14 नए विधेयक सदन में पेश किए। इनमें सबसे अधिक चर्चा मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026 की रही, जिसके जरिए सरकार चुनिंदा सड़कों को राज्य राजमार्ग घोषित करने और उनके उपयोग पर निर्धारित शुल्क लेने का अधिकार प्राप्त करना चाहती है।


इसी के साथ सरकार ने पुराने और अप्रचलित कानूनों को समाप्त करने, मेडिकल शिक्षा के लिए नया विश्वविद्यालय स्थापित करने, श्रम कानूनों को एकीकृत करने तथा कर प्रशासन से जुड़े कई प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा है।


राजमार्ग संशोधन विधेयक में क्या प्रावधान हैं?

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह आवश्यकता के अनुसार किसी सड़क को राज्य राजमार्ग घोषित कर सके।


मुख्य प्रावधान इस प्रकार हैं—

  • राज्य राजमार्ग के पूरे या किसी हिस्से के उपयोग पर निर्धारित दर से शुल्क लिया जा सकेगा।

  • विकास और रखरखाव के लिए सरकार किसी व्यक्ति के साथ समझौता कर सकेगी।

  • बढ़ते रखरखाव खर्च को देखते हुए यह संशोधन प्रस्तावित किया गया है।


विधानसभा में पेश हुए 14 विधेयक

सरकार ने सोमवार को निम्न विधेयक सदन के पटल पर रखे—

  1. मध्य प्रदेश निरसन विधेयक-2026

  2. मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता विधेयक-2026

  3. मध्य प्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026

  4. मध्य प्रदेश अग्निशमन-आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026

  5. मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज (संशोधन) विधेयक-2026

  6. मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026

  7. मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026

  8. मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026

  9. मध्य प्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेज (मध्य प्रदेश श्रम शक्ति संहिता-2026)

  10. मध्य प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026

  11. मध्य प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक-2026

  12. मध्य प्रदेश वेट संशोधन विधेयक-2026

  13. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता मध्य प्रदेश संशोधन विधेयक-2026

  14. मध्य प्रदेश उपकर संशोधन विधेयक-2026


सात पुराने कानून समाप्त करने का प्रस्ताव

मध्य प्रदेश निरसन विधेयक-2026 के तहत सरकार 7 अप्रचलित और महत्वहीन कानूनों को समाप्त करने जा रही है।


इनमें शामिल हैं—

डेट कंसीलिएशन एक्ट, 1933

प्रोटेक्शन ऑफ डेटर्स एक्ट, 1937

फेमाइन रिलीफ फंड एक्ट, 1937

रिलीफ ऑफ इनडेटेडनेस एक्ट, 1939

विद्या मंदिर एक्ट, 1940

लेंड सर्वे एक्ट, 1947


उज्जैन में बनेगा नया धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय

सरकार ने मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026 और मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026 भी पेश किए हैं।


इन प्रस्तावों के तहत—

उज्जैन में नया धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम और चंबल संभाग के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग, आयुष और अन्य स्वास्थ्य विज्ञान संस्थानों का अकादमिक एवं परीक्षा प्रशासन संभालेगा। जबलपुर स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के संस्थान रहेंगे।


श्रम कानूनों को एकीकृत करने का प्रस्ताव

मध्य प्रदेश श्रम शक्ति संहिता-2026 के माध्यम से राज्य सरकार श्रम कानूनों को एकीकृत करने की दिशा में कदम उठा रही है।

  • विधेयक में नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध सुनिश्चित करने का प्रावधान है।

  • केन्द्र द्वारा अधिसूचित 4 केंद्रीय श्रम संहिताओं के अनुरूप राज्य के 6 श्रम कानूनों को एकीकृत किया जाएगा।

  • कार्य के घंटे, कार्यस्थल का वातावरण और महिलाओं से रात्रि में कार्य कराने की शर्तों जैसे विषय भी इसमें शामिल किए गए हैं।


वेट संशोधन विधेयक में प्रस्तावित बदलाव

मध्य प्रदेश वेट संशोधन विधेयक-2026 के तहत कर प्रशासन से जुड़े कई बदलाव प्रस्तावित हैं।


मुख्य प्रावधान:

  • वेट अपील बोर्ड के सदस्यों की अधिकतम आयु 65 वर्ष से बढ़ाकर 67 वर्ष करने का प्रस्ताव।

  • उपायुक्त के आदेश के विरुद्ध अपील बोर्ड में अपील करने की व्यवस्था।

  • अपीलीय प्राधिकारी के आदेश के खिलाफ 2 वर्ष के भीतर अपील दायर करने का प्रावधान।

  • कर प्रशासन में स्पष्टता लाने के उद्देश्य से संशोधन प्रस्तावित।

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