
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में रखने की तैयारी कर चुकी है। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी), अग्निशमन सेवाएं और कॉलोनी विकास से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख हैं।
नगरीय विकास विभाग ने मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026 और कॉलोनी विकास विधेयक का मसौदा तैयार कर लिया है। दूसरी ओर, किराएदारी विधेयक को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
मानसून सत्र में कई अहम विधेयक होंगे पेश
सरकार इस बार यूसीसी के अलावा करीब 10 अन्य विधेयकों को भी विधानसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इनमें शामिल हैं—
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक
अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक
कोचिंग संस्थान विनियमन विधेयक
पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज से जुड़े संशोधन
वाणिज्यिक कर संबंधी विधेयक
श्रम संबंधी विधेयक
सिंहस्थ मेला संबंधी विधेयक
यूसीसी पर सरकार की तैयारी अंतिम चरण में
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर गठित समिति ने विधेयक का मसौदा लगभग तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विभिन्न कार्यक्रमों में इसे लागू करने की घोषणा कर चुके हैं और जुलाई में इसे लागू करने की बात भी कह चुके हैं। हाल ही में कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक को भी मंजूरी दी है।
अग्निशमन और कॉलोनी विधेयक पर विभाग तैयार
नगरीय विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के अनुसार, अग्निशमन एवं कॉलोनी विकास से जुड़े दोनों विधेयक मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। दोनों के ड्राफ्ट तैयार हो चुके हैं और प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
किराएदारी कानून फिलहाल टला
किराएदार और मकान मालिकों के विवाद कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित किराएदारी विधेयक इस बार सदन में नहीं आएगा। केंद्र सरकार करीब डेढ़ वर्ष पहले राज्यों को मॉडल एक्ट भेज चुकी थी। पिछले वर्ष इसे लागू करने की तैयारी भी हुई थी, लेकिन फिलहाल विभाग ने इसे स्थगित रखा है।
कॉलोनी विकास कानून में प्रस्तावित बड़े प्रावधान
प्रस्तावित कानून के तहत कई सख्त व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं—
अवैध कॉलोनी बनाने पर अधिकतम 10 वर्ष की सजा।
₹5 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान।
शहरों के साथ ग्रामीण और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी कानून लागू होगा।
कॉलोनाइजर को 5 वर्ष के भीतर सड़क, बिजली, पानी और सीवेज जैसी सुविधाएं विकसित करनी होंगी।
सभी कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
खरीदार ऑनलाइन जांच सकेंगे कि कॉलोनी वैध है या अवैध।
अवैध कॉलोनी हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा।
कार्रवाई नहीं होने पर निकाय कॉलोनी हटाकर जमीन अपने कब्जे में ले सकेगा।
जिला कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, पार्षद और सरपंच सहित संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय होंगी।
समयसीमा में कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी शासन कार्रवाई कर सकेगा।
फायर एक्ट में बढ़ेंगी विभाग की शक्तियां
प्रस्तावित अग्निशमन कानून में कई नए प्रावधान शामिल किए गए हैं—
फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेने पर ₹5 लाख तक जुर्माना।
नियमों का पालन नहीं होने पर ₹10 हजार प्रतिदिन अतिरिक्त दंड।
आग बुझाने में बाधा बनने वाली इमारत को तोड़ने का अधिकार।
आग बुझाने के लिए निजी परिसर में बिना अनुमति प्रवेश की व्यवस्था।
निजी जलस्रोतों से नि:शुल्क पानी लेने का अधिकार।
आसपास की संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित संपत्ति मालिक करेगा।
झूठी आग लगने की सूचना देने पर ₹20 हजार तक जुर्माना।
फायर टैक्स लागू होगा।
आवासीय इकाई पर ₹180 प्रतिवर्ष।
व्यावसायिक संपत्ति पर संपत्ति कर के अतिरिक्त 10% फायर टैक्स।
अनुपूरक बजट भी आएगा
मानसून सत्र के दौरान प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। वित्त विभाग ने पहले ही निर्देश दिए हैं कि विभाग नए वाहन खरीदने के प्रस्ताव नहीं भेजेंगे और नई मदों के प्रस्ताव शामिल नहीं किए जाएंगे। केवल उन्हीं प्रस्तावों पर विचार होगा जिन्हें राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृति मिली है। सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।
पांच दिन चलेगा विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा की 23 जून को जारी अधिसूचना के अनुसार मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 24 जुलाई तक चलेगा। इस बार भी सत्र 5 दिन का रहेगा।
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