
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायी कामकाज को डिजिटल माध्यम पर लाने की तैयारी के तहत बुधवार से विधायकों और मंत्रियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो रहा है। नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (NEVA) की ट्रेनिंग 30 अक्टूबर तक चलेगी, जिसका उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर करेंगे।
नई व्यवस्था के तहत सदन में सवाल पूछने से लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और याचिकाएं प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया ऑनलाइन हो सकेगी। प्रशिक्षण में विधायकों के साथ उनके स्टाफ, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों (OSD) और निजी सहायकों को भी शामिल किया जाएगा।
पांच बैच में होगी विधायकों की ट्रेनिंग
विधानसभा में डिजिटल कामकाज की प्रक्रिया समझाने के लिए विधायकों को पांच समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक बैच में 50 विधायक शामिल होंगे और अलग-अलग दिनों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मंत्रियों और विधायकों को NEVA एप्लीकेशन चलाने, ऑनलाइन प्रश्न-उत्तर की प्रक्रिया समझने और डिजिटल माध्यम से विधायी कार्य करने की जानकारी दी जाएगी। सदन की पेपरलेस कार्यप्रणाली भी प्रशिक्षण का प्रमुख हिस्सा होगी।
सदन में प्रश्न और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव होंगे ऑनलाइन
NEVA व्यवस्था लागू होने के बाद विधायकों को सदन से जुड़े कई काम डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए करने की सुविधा मिलेगी। प्रश्न, ध्यानाकर्षण और स्थगन प्रस्ताव से संबंधित सूचनाएं ऑनलाइन प्रस्तुत की जा सकेंगी।
इसके साथ ही संकल्प और याचिकाएं दाखिल करने की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से होगी। इससे विधायकों के लिए विधायी कामकाज से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करना और हासिल करना आसान हो सकेगा।
कार्यसूची से विधेयक तक डिजिटल रूप में मिलेगी जानकारी
नई व्यवस्था में सदन की कार्यसूची, विधायकों के प्रश्नों के उत्तर, विधेयक और अन्य विधायी जानकारियां डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगी।
पुराने प्रश्नों और विधानसभा की पूर्व कार्यवाही को भी ऑनलाइन देखा जा सकेगा। इससे सदन के रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए संबंधित दस्तावेजों को कागजों में तलाशने की जरूरत कम होगी।
OSD और निजी सहायकों को भी सिखाई जाएगी प्रक्रिया
विधायकों के दैनिक कामकाज में सहयोग देने वाले विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारियों (OSD) और निजी सहायकों के लिए भी प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्हें भी डिजिटल प्रणाली के उपयोग से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
विधायकों और उनके सहयोगी कर्मचारियों को एक साथ इस व्यवस्था से परिचित कराने का उद्देश्य विधानसभा के कामकाज में डिजिटल प्रक्रियाओं का इस्तेमाल बढ़ाना है।
पेपरलेस विधानसभा की दिशा में कदम
NEVA यानी नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन को 'एक राष्ट्र, एक एप्लीकेशन' की अवधारणा के तहत इस्तेमाल किया जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में इसके उपयोग से कागजों पर निर्भरता घटाने की योजना है।
डिजिटल प्रक्रिया से विधायी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और सदन से जुड़ी जानकारियों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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