
भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के लिए एक नई स्वास्थ्य पहल शुरू करने जा रही है। ‘सेवा प्रकल्प’ के जरिए अब जरूरतमंद कार्यकर्ताओं को तुरंत चिकित्सा सहायता और आर्थिक सहयोग मिल सकेगा—और इसकी शुरुआत आज भोपाल से हो रही है।
14 अप्रैल को होगा शुभारंभ
भारतीय जनता पार्टी के चिकित्सा प्रकोष्ठ द्वारा यह पहल शुरू की जा रही है। भोपाल स्थित प्रदेश कार्यालय में 14 अप्रैल शाम 5 बजे इसका उद्घाटन होगा। इस मौके पर डॉ. मोहन यादव, हेमंत खण्डेलवाल और राजेन्द्र शुक्ल मौजूद रहेंगे।
स्वास्थ्य परामर्श से लेकर आर्थिक मदद तक
इस प्रकल्प का मकसद सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है। इसके तहत कार्यकर्ताओं को:
- तुरंत चिकित्सा सहायता
- विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श
- मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहयोग
जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल “स्वस्थ कार्यकर्ता, सशक्त संगठन” के विजन पर आधारित है—जो इसे और खास बनाती है।
कार्यालय में बनेगा हेल्थ सपोर्ट सेंटर
भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक विशेष कक्ष तैयार किया गया है, जहां अनुभवी डॉक्टर स्वास्थ्य परामर्श देंगे। यहां प्राथमिक जांच, सलाह और इलाज से जुड़ी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। साथ ही आयुष्मान भारत जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ लेने में भी मदद दी जाएगी।
रक्तदान और इमरजेंसी टीम भी तैयार
जरूरत पड़ने पर रक्तदान और सेवा टीम को तुरंत सक्रिय किया जाएगा। गंभीर मरीजों के लिए त्वरित सहायता सुनिश्चित करने का दावा किया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समय बर्बाद न हो—और यही इस प्रकल्प की सबसे अहम कड़ी है।
आवेदन प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी
इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज होंगे:
- आवेदन पत्र
- मेडिकल प्रमाण पत्र
- अस्पताल का खर्च अनुमान
- आय प्रमाण पत्र
- पहचान पत्र
इसके बाद सत्यापन और पात्रता के आधार पर सहायता दी जाएगी।
गंभीर बीमारियों को प्राथमिकता
कैंसर, हृदय और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। समयबद्ध तरीके से मदद पहुंचाने के लिए अलग से ट्रैकिंग और फॉलो-अप सिस्टम भी बनाया गया है—ताकि जरूरतमंदों को देरी का सामना न करना पड़े।
जल्द लॉन्च होगा मोबाइल ऐप
इस प्रकल्प की जानकारी बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप, सोशल मीडिया और बैठकों का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा जल्द ही एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे आवेदन और ट्रैकिंग की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी—और यही इसे डिजिटल रूप से भी मजबूत बनाएगा।
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