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MP का 234 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 भोपाल पहुंचा, जानिए इसकी खासियतें और उड़ान क्षमता

22 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP का 234 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 भोपाल पहुंचा, जानिए इसकी खासियतें और उड़ान क्षमता
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के बेड़े में अब बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम पूरा हो गया है। करीब 234 करोड़ रुपये का यह विमान टोरंटो से बैंकॉक होते हुए भोपाल पहुंचा है, लेकिन आधिकारिक उड़ान से पहले इसे DGCA की जांच और जरूरी औपचारिकताओं से गुजरना होगा।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अन्य अति-विशिष्ट मेहमानों की यात्राओं के लिए खरीदे गए इस विमान का दशहरे पर स्टेट हैंगर में पूजन भी किया गया। सरकार को उम्मीद है कि इसके नियमित संचालन से हवाई यात्राओं पर होने वाला खर्च काफी कम हो सकेगा।


आवाज से नियंत्रित होगा केबिन, मिलेंगी लग्जरी सुविधाएं

चैलेंजर-3500 की प्रमुख विशेषताओं में इसका वॉयस-कंट्रोल केबिन शामिल है। यात्री बोलकर केबिन की लाइट, मनोरंजन प्रणाली और तापमान को नियंत्रित कर सकते हैं, जिससे अलग-अलग सेटिंग बदलने के लिए बटन दबाने की जरूरत नहीं रहती।


यात्रियों की सुविधा के लिए विमान में पेटेंटेड नुआज सीटें दी गई हैं, जिन्हें दुनिया की पहली जीरो-ग्रेविटी सीटें बताया गया है। इसके अतिरिक्त वायरलेस चार्जिंग पैड और 24 इंच की 4K स्क्रीन भी उपलब्ध हैं।


882 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, 6,297 किमी तक उड़ान

लंबी दूरी की यात्राओं के लिहाज से भी यह विमान कई क्षमताओं से लैस है। इसकी अधिकतम गति करीब 882 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह अधिकतम 45,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है।


इसकी नॉन-स्टॉप उड़ान क्षमता 6,297 किलोमीटर बताई गई है। विमान की रेंज लगभग 6,300 किलोमीटर है, जिससे लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्राएं बिना बीच में रुके पूरी करना संभव हो सकता है।


गुजरात और महाराष्ट्र के सरकारी विमानों से तुलना

मध्य प्रदेश के नए जेट की तुलना दूसरे बड़े राज्यों के सरकारी विमानों से भी की जा रही है। गुजरात के पास बॉम्बार्डियर चैलेंजर-650 है, जिसे 2019 में करीब 191 करोड़ रुपये में खरीदा गया था।


महाराष्ट्र सरकार का प्रमुख विमान सेसना साइटेशन XLS है, जिसकी कीमत करीब 67 करोड़ रुपये बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के चैलेंजर-3500 को तकनीक, केबिन सुविधाओं और उड़ान क्षमता के लिहाज से अधिक आधुनिक श्रेणी का विमान बताया गया है।


पुराने विमान के हादसे के बाद किराए पर लेनी पड़ रही थीं सेवाएं

मध्य प्रदेश सरकार का पुराना बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-250 विमान मई 2021 में कोरोना काल के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर हुए हादसे में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमान तथा हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पड़ रहे थे।


इन सेवाओं पर हर महीने करोड़ों रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। नागरिक उड्डयन विभाग का अनुमान है कि नए सरकारी विमान के नियमित इस्तेमाल से मासिक हवाई यात्रा खर्च घटकर मौजूदा खर्च का करीब एक-तिहाई रह जाएगा।


एक साल तक विदेशी पायलट संभालेंगे मुख्य कमान

नए विमान के संचालन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के दो पायलटों को अमेरिका में विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। समझौते के तहत कनाडा की कंपनी एक वर्ष तक अपना मुख्य विदेशी पायलट उपलब्ध कराएगी, जबकि राज्य के पायलट सहायक के रूप में काम करेंगे।


विमान के लिए करीब 268 करोड़ रुपये का ऑल-रिस्क बीमा प्रस्तावित है। इसका सालाना बीमा प्रीमियम लगभग 2 करोड़ रुपये होगा।


DGCA की मंजूरी के बाद ही भरेगा पहली आधिकारिक उड़ान

भोपाल पहुंचने के बावजूद विमान को तत्काल सरकारी यात्राओं में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। DGCA की जांच और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में करीब डेढ़ से दो महीने लगने का अनुमान है।


सरकार अपने विमान बेड़े का विस्तार करने के लिए एक नया हेलीकॉप्टर भी खरीद रही है, जो जल्द शामिल किए जाने की तैयारी में है। वर्तमान में राज्य सरकार के पास केवल एक हेलीकॉप्टर है। नए जेट और हेलीकॉप्टर के शामिल होने से सरकारी हवाई यात्रा की व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है।

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