
भोपाल। विधानसभा में बुधवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2026-27 का बजट भाषण पूरा किया और पूरे सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच मोहन सरकार का पेपरलेस बजट पेश हुआ। भाषण के दौरान कई बार शोरगुल हुआ, लेकिन स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के हस्तक्षेप से कार्यवाही आगे बढ़ी। बजट प्रस्तुति के बाद विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा और वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है, जिसे देश का पहला रोलिंग बजट भी बताया जा रहा है।
टैक्स में राहत: प्रदेशवासियों के लिए बड़ा संदेश
बजट में सबसे बड़ी राहत यह रही कि राज्य में किसी भी नए टैक्स की घोषणा नहीं की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में कोई टैक्स दर नहीं बढ़ेगी, जिससे आम जनता और व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तीन साल की रणनीति और रोलिंग बजट की नई व्यवस्था
इस बार बजट को दीर्घकालिक योजना के रूप में पेश किया गया है। रोलिंग बजट प्रणाली के तहत हर साल बजट को अपडेट किया जाएगा और आने वाले वर्षों की योजनाओं को जोड़ते हुए विकास की निरंतरता बनाए रखी जाएगी। सरकार ने इसे पारदर्शी आर्थिक प्रबंधन और 2047 के विजन से जुड़ा कदम बताया।
बजट की बड़ी झलक: तीन साल की प्लानिंग और पारदर्शिता पर जोर
इस बार के बजट में केवल एक साल नहीं बल्कि आने वाले वर्षों की योजना की झलक दिखाई दी। सरकार ने गरीबी को केवल आय से नहीं बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता जैसे मानकों से भी जोड़कर देखने की बात कही। 2047 के दृष्टिपत्र को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गई हैं। वित्त मंत्री ने इसे संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने वाला और जिलों के संतुलित विकास को प्राथमिकता देने वाला बजट बताया। ऋण प्रबंधन और आर्थिक व्यवस्थापन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है।
उच्च शिक्षा और खेल सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में शिक्षा और युवाओं के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं। पीएम एक्सीलेंस कॉलेज की स्थापना का ऐलान हुआ है, वहीं विश्वविद्यालयों को वाई-फाई कैंपस बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। सांदीपिनी विद्यालयों के जरिए बेहतर शिक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है और 294 नए सांदीपिनी विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। खेल सुविधाओं के विस्तार के तहत चार हॉकी टर्फ सहित 30 खेल स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार युवाओं की शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए भी प्रयास कर रही है।
युवाओं और रोजगार पर विशेष ध्यान
वित्त मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की आबादी में लगभग 28 प्रतिशत युवा हैं, इसलिए रोजगार पर खास फोकस किया गया है। एक साल में 174 स्टार्टअप शुरू होने का दावा किया गया। 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है और शासकीय सेवकों की भर्ती भी जारी रहेगी। छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। अल्पसंख्यक छात्रावासों को अपग्रेड करने और कौशल विकास के लिए अहिल्या बाई कौशल विकास योजना भी शुरू की जा चुकी है।
महिलाओं के लिए बड़ी योजनाएं
लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता जारी रखने की घोषणा हुई है। इस योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि हर नारी को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
किसानों के लिए सोलर पंप से लेकर कृषि ऋण तक बड़ी घोषणाएं
कृषि क्षेत्र को बजट का केंद्र बताया गया। किसानों को 3000 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख सोलर सिंचाई पंप दिए जाएंगे। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत हर साल कुल 12 हजार रुपये किसानों को मिल रहे हैं। कृषि ऋण लक्ष्य 25 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पीएम फसल योजना के लिए 1299 करोड़ और मुख्यमंत्री कृषक उन्नत योजना के लिए 5500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जैविक खेती के लिए 21 लाख हेक्टेयर भूमि प्रमाणित होने की जानकारी दी गई। भावांतर योजना और खाद्य प्रसंस्करण से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। गौशालाओं को आधुनिक बनाने, पशुपालकों को प्रोत्साहन देने और सहकारिता के जरिए किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
ग्रामीण विकास और कल्याण योजनाएं
ग्राम विकास के लिए केंद्रीय मुख्यमंत्री वृंदावन योजना शुरू की जा चुकी है। मुख्यमंत्री मंजरा टोला योजना के लिए 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ और कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खुले हैं, जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख और जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन दर्ज किए गए हैं। अटल पेंशन योजना में 46 लाख हितग्राहियों को जोड़ा गया है।
सड़क, बायोगैस और स्वास्थ्य सुविधाएं
प्रदेश में सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बायोगैस प्लांट और पंचकर्म सुविधाओं को बढ़ाने की योजना भी सामने आई है। जिला स्तर पर खेल सुविधाओं और स्टेडियम के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस भर्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा ऐलान
बजट में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए 11 हजार नए आवास बनाए गए हैं। सरकार ने यह भी घोषणा की कि 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन योजना में तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल किया जाएगा।
शिक्षा और युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं
प्रदेश के हर जिले में पीएम एक्सीलेंस स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। 15 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है और विश्वविद्यालयों को वाई-फाई कैंपस बनाया जाएगा। 294 सांदीपिनी विद्यालयों की स्थापना के साथ शिक्षा स्तर सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। स्टूडेंट्स के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिला है, जबकि 14 लाख 12 हजार छात्रों के लिए 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरदार पटेल कोचिंग योजना में 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने और 4 हजार कोचिंग सेंटर संचालित करने का लक्ष्य तय हुआ है।
खेल और युवा शक्ति योजना का विस्तार
सीएम युवा शक्ति योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में सर्वसुलभ स्टेडियम बनाए जाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। चार हॉकी टर्फ सहित 30 खेल स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। सरकार युवाओं की शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए भी काम कर रही है।
‘हर हाथ को काम, हर उपज को दाम’ का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रोजगार बढ़ाने और कृषि उत्पादन को सही मूल्य दिलाने का है। मछली उत्पादन योजना के लिए 412 करोड़ रुपये और धरती आबा योजना के लिए 752 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को 337 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना शुरू करने का भी ऐलान किया गया।
रोलिंग बजट: देश में पहली बार एमपी की पहल
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत रोलिंग बजट प्रणाली है, जिसे लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। रोलिंग बजट में एक साथ कई वर्षों की वित्तीय योजना बनाई जाती है और हर साल उसे अपडेट किया जाता है। उदाहरण के तौर पर 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के अनुमानित बजट में हर साल नई अवधि जोड़कर योजना को हमेशा प्रासंगिक रखा जाएगा।
वित्त मंत्री का संदेश: कथनी और करनी का बजट
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों, गरीबों और युवाओं को समर्पित है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की घोषणाएं केवल वादे नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने का संकल्प हैं। प्रदेश को नई आर्थिक क्रांति की दिशा में आगे बढ़ाने और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन रहा है और मध्यप्रदेश विकसित भारत के सपने को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
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