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MP Budget Session 2026: आज से विधानसभा में सियासी घमासान, राज्यपाल के अभिभाषण से शुरुआत, 18 फरवरी को पेश होगा पेपरलेस बजट

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MP Budget Session 2026: आज से विधानसभा में सियासी घमासान, राज्यपाल के अभिभाषण से शुरुआत, 18 फरवरी को पेश होगा पेपरलेस बजट

MP Budget Session 2026: आज से विधानसभा में सियासी घमासान, राज्यपाल के अभिभाषण से शुरुआत, 18 फरवरी को पेश होगा पेपरलेस बजट

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू होते ही सियासी तापमान तेज हो गया है। 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले इस सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण से होगी, जिसमें मोहन सरकार अपने विकास कार्यों और योजनाओं का बखान करेगी। विधानसभा परिसर में सुबह से ही हलचल तेज रही और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत कई मंत्री समय से पहले पहुंच गए।


सवालों की बारिश के बीच सरकार की असली परीक्षा

इस बार सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं मिली हैं, जो सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकती हैं। इसके अलावा 236 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, 10 स्थगन प्रस्ताव और 41 अशासकीय संकल्प भी सदन में रखे जाएंगे। शून्यकाल में 83 मुद्दों पर तीखी चर्चा होने की संभावना है, जिससे साफ है कि विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।


18 फरवरी को डिजिटल अंदाज में पेश होगा बजट

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे, जो पूरी तरह पेपरलेस रहेगा। पहली बार डिजिटल माध्यम से बजट पेश किए जाने को लेकर सरकार इसे आधुनिक कदम बता रही है, जबकि विपक्ष इसे दिखावा करार देते हुए आम जनता से जुड़े मुद्दों पर ठोस प्रावधान की मांग कर रहा है। पूरे सत्र के दौरान कुल 12 बैठकें तय की गई हैं।


नेता प्रतिपक्ष के तीखे बयान, श्वेत पत्र की मांग

विधानसभा पहुंचते ही नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला और खर्चों को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग रखी। उनका कहना है कि घोषणाओं से भरा बजट जनता के किसी काम का नहीं होगा और सरकार की आय-व्यय पर विपक्ष कड़ी नजर बनाए हुए है। विपक्षी विधायकों की बैठक में रणनीति तय कर ली गई है और सदन में जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।


बीजेपी की रणनीति बैठक, विपक्ष के हमलों का देंगें जवाब

विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए भाजपा भी अलर्ट मोड में है। 17 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सदन के भीतर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी। मंत्रियों को भी विधायकों को संतुष्ट रखने के निर्देश दिए जाने की चर्चा है, क्योंकि पिछले शीतकालीन सत्र में खुद भाजपा विधायकों ने सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए थे।


गरमाएगा सदन, बजट सत्र में दिखेगा असली सियासी खेल

बजट सत्र शुरू होते ही सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में सदन के भीतर तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है, जिससे मध्य प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा हो सकती है।

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