
भोपाल। होली के मौके पर घर लौटने की जल्दी में यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश से निकलने वाली कई बसों के किराए में कई गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भोपाल से लखनऊ का किराया 8,899 रुपये तक पहुंच गया है। त्योहार की भीड़ और सीमित विकल्पों का फायदा उठाकर कुछ ऑपरेटर्स मनचाही दरें वसूल रहे हैं।
भोपाल से प्रमुख रूट्स पर आसमान छूते किराए
भोपाल–लखनऊ: 8,899 रुपये तक
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म RedBus पर भोपाल से लखनऊ के लिए किराया 8,899 रुपये तक दिख रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यही टिकट 1,400–1,800 रुपये में मिल जाता है।
भोपाल–मुंबई: 6,006 रुपये तक
रतन टूर एंड ट्रैवल्स द्वारा मुंबई रूट पर 6,006 रुपये तक किराया वसूला जा रहा है। आमतौर पर यह सफर 1,400–1,700 रुपये में पूरा हो जाता है।
सतना-रीवा रूट पर 4 गुना तक बढ़ोतरी
भोपाल–सतना: 4,500 रुपये
जहां सामान्य किराया 1,000–1,200 रुपये रहता है, वहीं फिलहाल 4,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
भोपाल–रीवा: 6,000 रुपये तक
सुनील टूर एंड ट्रैवल्स: 6,000 रुपये
देव हाई स्पीड ट्रैवल्स: 4,500 रुपये
अंजुमन ट्रैवल्स: 5,000 रुपये
सामान्य दिनों में यही सफर 900–1,200 रुपये में पूरा हो जाता है।
विभाग क्यों नहीं रोक पा रहा किराया?
परिवहन विभाग का कहना है कि ऑनलाइन ऐप्स पर दिख रहे किरायों पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं है। किराया तय करने का अधिकार संबंधित बस ऑपरेटर के पास होता है, और ऐप उसी दर को प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित करता है। जैसे ही मांग बढ़ती है, किराए में उछाल आ जाता है। भोपाल आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने कहा है कि यदि किसी यात्री को अधिक किराया वसूले जाने की शिकायत है तो वह कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
बस ओनर्स एसोसिएशन का क्या कहना है?
मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन का दावा है कि स्टेज कैरिज के रूप में चलने वाली नियमित बसें किराये में अनियमितता नहीं कर रहीं। उनका आरोप है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर चलने वाली कुछ गाड़ियां अवैध रूप से स्टेज कैरिज की तरह संचालित हो रही हैं और वही अधिक किराया वसूल रही हैं। इन पर नियंत्रण सीमित है।
CM के निर्देश के बावजूद हालात
एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि त्योहार के दौरान अधिक किराया वसूली पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा था कि त्योहारों में यात्रियों की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जाए। इसके बावजूद किरायों में भारी बढ़ोतरी सवाल खड़े कर रही है।
क्यों बढ़ता है त्योहार में किराया?
मांग में अचानक उछाल
सीमित बसों की उपलब्धता
डायनेमिक प्राइसिंग मॉडल
वैकल्पिक ट्रेनों में लंबी वेटिंग
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक किराया नियंत्रण के स्पष्ट नियम और सख्त मॉनिटरिंग नहीं होगी, त्योहारों पर ऐसे हालात बनते रहेंगे।
यात्री क्या करें?
टिकट बुक करते समय अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर तुलना करें
किराया रसीद सुरक्षित रखें
अधिक वसूली की स्थिति में स्थानीय आरटीओ से शिकायत करें
संभव हो तो यात्रा की योजना पहले से बनाएं
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