
भोपाल। 7 अगस्त से प्रस्तावित बस हड़ताल को मध्य प्रदेश में फिलहाल टाल दिया गया है। राज्य सरकार और बस ऑपरेटर एसोसिएशन के बीच दो दौर की बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित करने पर सहमति बनी।
इस फैसले से प्रदेश में बस सेवाएं सामान्य रहेंगी। सरकार ने ऑपरेटरों की मांगों पर आगे कार्रवाई के लिए कमेटी बनाई है, जो एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
50 से 60 हजार बसों पर पड़ सकता था असर
हड़ताल लागू होने पर प्रदेशभर में परमिट वाली करीब 50 से 60 हजार बसों का संचालन रुक सकता था। इसका सीधा असर इंदौर, उज्जैन, भोपाल, देवास, नागदा और बड़नगर जैसे शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने की आशंका थी। अभी यात्रियों के लिए यह संकट टल गया है और बसें अपने सामान्य संचालन के अनुसार चलती रहेंगी।
पांच साल से किराया नहीं बढ़ने की मांग
बस ऑपरेटर एसोसिएशन की प्रमुख मांगों में बस किराए में संशोधन शामिल था। एसोसिएशन के मुताबिक पिछले 5 साल से किराए में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। नए नियम के तहत सामान्य बस का मूल किराया 2 रुपए प्रति यात्री प्रति किलोमीटर निर्धारित किया गया है। इसके साथ न्यूनतम टिकट की दर 10 रुपए रखी गई है।
इन मुद्दों पर कमेटी करेगी विचार
राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी को कई लंबित विषयों की समीक्षा करनी है। इसमें मुख्य रूप से ये मुद्दे शामिल हैं—
सुगम परिवहन योजना में समायोजन
मोटरयान नियमों से जुड़े विषय
पंजीयन संबंधी मुद्दे
15 साल पुरानी बसों के परमिट
कमेटी इन मामलों पर विचार करने के बाद एक महीने में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।
समय पर मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर आंदोलन
बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने फिलहाल आंदोलन स्थगित किया है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की ओर से तय समय में मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो आगे आंदोलन की नई योजना बनाई जा सकती है।
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