
भोपाल। मध्य प्रदेश के सतना जिले से जुड़े बड़े कारोबारी रुद्र त्रिपाठी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर करोड़ों की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। धमकी भरी कॉल और ऑडियो क्लिप मिलने के बाद मुंबई के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
व्हाट्सएप कॉल पर मांगे गए 10 करोड़ रुपये
एफआईआर के मुताबिक 60 वर्षीय कारोबारी रुद्र त्रिपाठी को पहली धमकी 11 फरवरी को मिली थी। उस समय वे अपने गृह ग्राम शिवराजपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान व्हाट्सएप के जरिए कई कॉल आए, जिनमें कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया। कॉलर ने 10 करोड़ रुपये देने की मांग करते हुए जान से मारने की चेतावनी दी। यहां तक कहा गया कि कॉल को रिकॉर्ड करके पुलिस को देने के लिए वे स्वतंत्र हैं।
अंतरराष्ट्रीय नंबर से फिर आया धमकी भरा संदेश
शिकायत में यह भी बताया गया है कि 20 फरवरी को जब कारोबारी अपने कार्यालय में थे, तब एक इंटरनेशनल नंबर से लगातार चार व्हाट्सएप कॉल किए गए। कॉल रिसीव न करने पर संदिग्ध ने मोबाइल पर एक ऑडियो क्लिप भेजी, जिसमें गंभीर धमकियां दी गई थीं। पुलिस अब कॉल के सोर्स और इस्तेमाल किए गए नंबरों की तकनीकी जांच कर रही है।
मुंबई में दर्ज हुई FIR, जांच जारी
धमकी मिलने के बाद रुद्र त्रिपाठी ने मुंबई के थाणे स्थित नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जबरन वसूली और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो क्लिप और शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वरिष्ठ निरीक्षक अभय चंद्रनाथ महाजन ने बताया कि फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश जारी है।
बढ़ते गैंगस्टर नाम के इस्तेमाल से चिंता
हाल के समय में बड़े गैंगस्टर के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई बार अपराधी अंतरराष्ट्रीय नंबर और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
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