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मोहन यादव कैबिनेट ने विकास योजनाओं पर लगाई ₹20,000 करोड़ से ज्यादा की मुहर, सड़कों से लेकर सेहत तक सब बदलेगा!

13 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मोहन यादव कैबिनेट ने विकास योजनाओं पर लगाई ₹20,000 करोड़ से ज्यादा की मुहर, सड़कों से लेकर सेहत तक सब बदलेगा!
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। ​मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने प्रदेश की तस्वीर बदलने के लिए खजाना खोल दिया है। बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने 10,801 करोड़ रुपये के भारी-भरकम सड़क बजट सहित कई बड़े फैसलों को हरी झंडी दे दी है। सरकार का यह मास्टरप्लान अगले 5 सालों यानी 2031 तक के लिए तैयार किया गया है।


​सड़कों का बिछेगा जाल, ₹10,801 करोड़ से संवरेगा बुनियादी ढांचा

​मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए कैबिनेट ने अब तक का सबसे बड़ा निवेश सुनिश्चित किया है। इस फैसले के तहत प्रदेश की सड़कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढाला जाएगा। सबसे खास बात यह है कि न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की मदद से चलने वाली परियोजनाओं के लिए 5,322 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।


​इसके अलावा, सड़कों के रखरखाव और अनुबंधों (Ennuity) के भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बी.ओ.टी. (BOT) मॉडल के तहत बन रही सड़कों के लिए भी करीब 915 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। इस निवेश का सीधा असर यह होगा कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाके अब सीधे बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों से जुड़ सकेंगे।


​स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश: खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

​प्रदेश की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने अगले 5 वर्षों के लिए 1674 करोड़ रुपये की विशेष योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर उन्हें नए चिकित्सा महाविद्यालयों (Medical Colleges) से संबद्ध किया जाएगा। यह कदम न केवल मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि आम जनता को भी अपने ही जिले में विशेषज्ञ इलाज मिल सकेगा।


​वहीं, भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर जारी रखते हुए कैबिनेट ने 31 मार्च 2031 तक के लिए 1005 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है।


​किसानों के लिए 'मिडवासा परियोजना' और खेती का आधुनिकीकरण

​सागर जिले के किसानों के लिए कैबिनेट ने खुशखबरी दी है। 286.26 करोड़ रुपये की 'मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना' को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है, जिससे 27 गाँवों की 7200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।


​इसके साथ ही, खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 'सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाईजेशन' (SMAM) के तहत 2250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रदेश के वन पट्टा धारी किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर मोटा अनुदान मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।


​महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर

​कैबिनेट ने महिलाओं की सुरक्षा और विकास के लिए 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' और 'वन स्टॉप सेंटर' जैसी योजनाओं के लिए 240.42 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी है। प्रदेश में 8 नए वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे, जिनमें मैहर, पीथमपुर और धार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।


​ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के पोषण के लिए संचालित 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति' और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के सुचारू संचालन हेतु 3553.35 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट भी पास किया गया है। इन फैसलों के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जमीन पर इनका क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।

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