मंगलवार, 23 जून 2026
Logo
Madhaya Pradesh

एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को मिली राहत, स्कूल उन्नयन और 5635 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

23 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को मिली राहत, स्कूल उन्नयन और 5635 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में किसानों, शिक्षा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों के लिए जीरो फीसदी ब्याज पर मिलने वाले ऋण के नियम में बदलाव के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए 5635 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई।


बैठक में शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना, स्कूलों के उन्नयन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन और समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी अहम जानकारी साझा की गई।


किसानों को मिली बड़ी राहत

कैबिनेट ने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर मिलने वाले ऋण की अदायगी व्यवस्था में बदलाव किया है। अब किसानों को हर वर्ष 31 मार्च तक ऋण चुकाने की बाध्यता नहीं रहेगी। किसान जिस दिन ऋण लेंगे, उसके ठीक एक वर्ष बाद तक बिना ब्याज के उसे चुका सकेंगे। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराती है। पहले रबी और खरीफ फसल के लिए दिए गए ऋण की अदायगी तय समय सीमा में करनी होती थी, लेकिन अब एक बार लिया गया ऋण एक वर्ष बाद चुकाया जा सकेगा।


फैसले से सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय भार

सरकार के अनुसार इस व्यवस्था में बदलाव से राज्य पर लगभग 880 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान ने 1 जून को ऋण लिया है तो वह उसे अगले वर्ष 1 जून से पहले तक बिना ब्याज के चुका सकेगा।


शुजालपुर में खुलेगा नया शासकीय विधि महाविद्यालय

कैबिनेट ने सत्र 2026-27 से शाजापुर जिले के शुजालपुर में नए शासकीय विधि महाविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके लिए शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद सृजित किए जाएंगे। कुल 17 पदों के साथ 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये के व्यय को भी स्वीकृति दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकृत किया गया है।


बार काउंसिल के नियमों के अनुसार लिया गया निर्णय

कैबिनेट में बताया गया कि जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में वर्तमान में एलएलबी का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम संकाय के रूप में संचालित हो रहा है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के वर्ष 2008 के लीगल एजुकेशन रूल्स के अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए विधि पाठ्यक्रमों का संचालन अलग शासकीय विधि महाविद्यालय के रूप में होना आवश्यक है। इसी आधार पर नए कॉलेज की स्थापना का निर्णय लिया गया।


सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए 3580 करोड़ रुपये स्वीकृत

कैबिनेट ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 3580 करोड़ 7 लाख रुपये की मंजूरी दी है। यह राशि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि के दौरान योजना के निरंतर संचालन के लिए स्वीकृत की गई है।


विद्युतीकरण कार्यों के लिए एसजीएसटी राशि देगी सरकार

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत किए जाने वाले विद्युतीकरण कार्यों में भारत सरकार द्वारा दिए गए केंद्रांश पर देय एसजीएसटी राशि राज्य सरकार वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध कराएगी।


स्कूलों के उन्नयन को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने शासकीय माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल तथा हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल में उन्नत करने की योजना को मंजूरी दी।


वर्ष 2026-27 में:

- 75 माध्यमिक विद्यालय हाई स्कूल बनाए जाएंगे।

- 100 हाई स्कूल हायर सेकेंडरी में उन्नत किए जाएंगे।


आगामी दो वर्षों 2027-28 और 2028-29 में भी इसी पैटर्न पर उन्नयन किया जाएगा। इस पूरी योजना के लिए 635 करोड़ 24 लाख रुपये की अनुमानित राशि स्वीकृत की गई है।


विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य पर फोकस

सरकार ने वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर (GER) हासिल करने का लक्ष्य रखा है। मौजूदा समय में राज्य में हाई स्कूल स्तर पर जीईआर 75 प्रतिशत और हायर सेकेंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में संक्रमण दर 77 प्रतिशत तथा कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत दर्ज की गई है। जिला स्तरीय मैपिंग के आधार पर 315 हाई स्कूल और 214 हायर सेकेंडरी स्कूलों की आवश्यकता चिन्हित की गई है।


सांदीपनि विद्यालयों के क्षेत्र में नहीं होगा उन्नयन

कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। यदि ऐसे क्षेत्र के विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालयों में हो जाता है, तो संबंधित विद्यालयों का युक्तियुक्त

पाठकों की राय (0)

इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

अपनी प्रतिक्रिया दें