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मध्यप्रदेश कैबिनेट के अहम निर्णय, 23,228 करोड़ की योजनाओं को हरी झंडी, नए अस्पताल के लिए 610 करोड़ रुपये मंजूर

03 नव, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्यप्रदेश कैबिनेट के अहम निर्णय, 23,228 करोड़ की योजनाओं को हरी झंडी, नए अस्पताल के लिए 610 करोड़ रुपये मंजूर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में विकास योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और सिंचाई परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने कुल 23,228 करोड़ रुपये की योजनाओं को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी है।


बैठक में नए अस्पताल की स्थापना, किसानों को नीलगाय से होने वाले नुकसान से राहत, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आगामी आयोजनों की तैयारियों पर भी निर्णय लिए गए। दिवाली से पहले हुई इस बैठक में प्रदेशवासियों को त्योहार की शुभकामनाएं भी दी गईं।


23,228 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी, स्वास्थ्य विभाग के लिए 610 करोड़

एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न विभागों की योजनाओं को आगे जारी रखने का निर्णय लिया गया है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत नए अस्पताल की स्थापना के लिए 610 करोड़ रुपये का प्रावधान करते हुए योजना को निरंतरता प्रदान की गई है। सरकार का जोर स्वदेशी उत्पादों के अधिकाधिक इस्तेमाल और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने पर भी रहा। बैठक में इन दोनों विषयों को प्राथमिकता देने की बात रखी गई।


नीलगाय से फसल बचाने के लिए अफ्रीकी विशेषज्ञों की मदद

खेतों में नीलगाय के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने बोमा पद्धति का इस्तेमाल किया है। इस तकनीक के विशेषज्ञ अफ्रीका से बुलाए गए थे। उनकी मदद से करीब 2,000 हिरण और नीलगाय पकड़े गए और उन्हें अलग-अलग अभयारण्यों में स्थानांतरित किया गया। चैतन्य कश्यप के मुताबिक, पहले बोमा पद्धति का इस्तेमाल अफ्रीका में होता था। अब मध्यप्रदेश में भी इस तकनीक को अपनाया जा रहा है।


सिंचाई परियोजनाओं को गति देने की तैयारी, इन जिलों को मिलेगा लाभ

जल संसाधन विभाग की चार जगहों पर लंबित परियोजनाओं का काम तेजी से पूरा करने पर सहमति बनी है। बैठक में जिन क्षेत्रों की सिंचाई योजनाओं को निरंतरता देने की बात सामने आई, उनमें शामिल हैं:

- पन्ना जिला

- विदिशा जिले की लटेरी परियोजना

- मऊगंज

- सीधी

- सिंगरौली


इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे संबंधित परियोजनाओं का काम पूरा करने की दिशा में तेजी लाने की तैयारी है।


सिंहस्थ से पहले क्षिप्रा नदी में पर्याप्त जल रखने पर चर्चा

आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए क्षिप्रा नदी में पर्याप्त जल उपलब्ध रखने का विषय भी कैबिनेट बैठक में उठा। सरकार की मंशा है कि सिंहस्थ शुरू होने से पहले नदी में पानी पूरी तरह भरा रहे। इसी उद्देश्य से जल प्रबंधन को लेकर चर्चा की गई।


15 नवंबर को तीन स्थानों पर मनाई जाएगी बिरसा मुंडा जयंती

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को पूरे मध्यप्रदेश में कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रदेश में तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। सरकार इस अवसर को व्यापक स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है।


18 नवंबर को अगली कैबिनेट, गांधीसागर में बैठक की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठकों को अलग-अलग स्थानों पर आयोजित करने की पहल यानी डेस्टिनेशन कैबिनेट पर जोर दिया। इससे पहले राजबाड़ा और भोपाल के पास जगदीशपुर में ऐसी बैठकें हो चुकी हैं। अब अगली डेस्टिनेशन कैबिनेट के लिए गांधीसागर का नाम प्रस्तावित है। मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को प्रस्तावित की गई है।

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