
भोपाल। मोहन यादव कैबिनेट में आज कई बड़े और सीधे असर वाले फैसले लिए हैं। ₹26,800 करोड़ के विकास कार्यों से लेकर गेहूं खरीदी और छात्रवृत्ति तक—हर सेक्टर को छूने वाले निर्णय सामने आए हैं। मंगलवार को हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की।
बड़े बजट से विकास को रफ्तार
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई के लिए कुल ₹26,800 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 5 बड़े प्रोजेक्ट्स को अगले 5 सालों में ₹26,311 करोड़ खर्च कर पूरा करने का फैसला हुआ है।
गेहूं खरीदी पर बड़ा फैसला
प्रदेश में गेहूं उपार्जन शुरू हो चुका है और इस बार लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन कर दिया गया है, जिसे केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है। सबसे अहम फैसला यह है कि अब शनिवार को छुट्टी नहीं रहेगी और सप्ताह में 6 दिन खरीदी होगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में ज्यादा सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सिंचाई के लिए नई योजना
शाजापुर के लखनदार बांध पर पंप हाइड्रो सिस्टम के जरिए सिंचाई योजना को मंजूरी दी गई है। इस पर ₹155 करोड़ खर्च होंगे, जिससे शाजापुर के 17 गांव और उज्जैन की तराना तहसील के 7 गांवों की कुल 9,000 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
OBC छात्रों के लिए बड़ा तोहफा
पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत दी गई है। OBC वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति ₹1,550 प्रतिमाह से बढ़ाकर ₹10,000 प्रतिमाह कर दी गई है। यह फैसला उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक बोझ कम करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए हैं। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के लिए ₹80 करोड़,श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए ₹174 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
आंगनबाड़ी और महिलाओं पर फोकस
प्रदेश के 38,901 आंगनबाड़ी भवनों के विद्युतीकरण के लिए ₹80 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। साथ ही मध्यप्रदेश ने देश में सबसे पहले नारी शक्ति वंदन आरक्षण को संकल्प के रूप में पारित करने का निर्णय भी लिया है।
वन्यजीव संरक्षण में भी पहल
राज्य सरकार ने इस साल असम से 16 जंगली भैंसे लाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने खुद पहली खेप को बाड़े में छोड़ा, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

