
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में हुए विकास कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभाव को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण, रोजगार, राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई मुद्दों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था, जब देश की राजनीति में गठबंधन सरकारों का प्रभाव प्रमुख था। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के साथ मध्य प्रदेश में नदी जोड़ो परियोजनाओं, मेट्रो, नक्सलवाद से मुक्ति और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में हुई प्रगति को भी सामने रखा।
2014 में मोदी को PM उम्मीदवार बनाने का फैसला
डॉ. मोहन यादव ने नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उनके विधायक, मुख्यमंत्री, सांसद और प्रधानमंत्री बनने का क्रम भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, गुजरात से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचने के बाद मोदी ने अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्होंने बताया कि 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था। इसके बाद 1989 से 2013 तक गठबंधन की राजनीति का प्रभाव बना रहा। उस दौर में भाजपा के अपने दम पर केंद्र में सरकार बनाने को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राजनीतिक माहौल में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करना भाजपा का बड़ा फैसला था। वर्ष 2013 में उम्मीदवार घोषित होने के बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया।
80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज, कई योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से गरीबों, महिलाओं, छोटे कारोबारियों और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने जिन प्रमुख योजनाओं और फैसलों का जिक्र किया, उनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराने का उल्लेख।
- जनधन योजना और मुद्रा योजना: वित्तीय सेवाओं और छोटे कारोबार से जुड़ी पहलें।
- प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन: आवास तथा पेयजल सुविधाओं से संबंधित योजनाएं।
- पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना: छोटे कारोबारियों तथा परिवारों को सहायता देने वाली पहलें।
- जीएसटी और नोटबंदी: आर्थिक व्यवस्था में बदलाव लाने वाले निर्णय।
- तीन तलाक से संबंधित कानून और नई न्याय संहिता: कानूनी एवं न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कदम।
डॉ. यादव ने इन पहलों को आम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले प्रयासों के रूप में प्रस्तुत किया।
केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं का उल्लेख
मध्य प्रदेश में जल संसाधन और बुनियादी ढांचे के विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने नदी जोड़ो परियोजनाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश को कई बड़ी परियोजनाएं मिली हैं।
इनमें केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना और तापी बेसिन से जुड़ी परियोजना का उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के नक्सलमुक्त होने को भी उपलब्धि बताया। उन्होंने बालाघाट जिले के सूपखार और आसपास के वन क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इन इलाकों में जाना जोखिम भरा माना जाता था, लेकिन अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद सामान्य जनजीवन बहाल हुआ है।
मध्य प्रदेश बना 'चीता स्टेट', भोपाल-इंदौर में मेट्रो
वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की पहचान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश को 'चीता स्टेट' बताया। उन्होंने आधुनिक परिवहन सुविधाओं को भी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
डॉ. यादव ने भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल के संचालन का उल्लेख किया। उन्होंने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और विश्वस्तरीय स्वरूप का उदाहरण बताया।
समान नागरिक संहिता पर जनभागीदारी का दावा
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) के विषय पर मध्य प्रदेश में की गई प्रक्रिया का विवरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लोगों से सुझाव मांगे गए।
मुख्यमंत्री के अनुसार:
- एसएमएस के माध्यम से 3.5 करोड़ से अधिक संदेश भेजे गए।
- 10 लाख से अधिक लोगों के सुझाव प्राप्त हुए।
- गठित समिति ने प्रदेश के 55 जिलों का दौरा कर विभिन्न वर्गों के लोगों से संवाद किया।
उन्होंने इस प्रक्रिया को जनभावनाओं को समझने और व्यापक विमर्श के आधार पर निर्णय लेने की पहल बताया।
प्रदेश की ऊर्जा क्षमता में नवीकरणीय स्रोतों की 30% हिस्सेदारी
स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की कुल ऊर्जा क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान लगभग 30% है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पंप्ड स्टोरेज और जलविद्युत जैसे स्रोतों के जरिए स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन प्रयासों का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना भी है।
महिला सशक्तीकरण: स्वयं सहायता समूहों और दीदी योजनाओं पर जोर
डॉ. मोहन यादव ने महिला सशक्तीकरण के लिए राज्य सरकार की पहलों का जिक्र किया। उन्होंने महिला आरक्षण के विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किए जाने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 65 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह की दीदियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने बालिकाओं के सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति जागरूकता और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देने की बात भी कही। स्कूली छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन के लिए आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में देने का भी उल्लेख किया।
दो लाख रोजगार अवसरों का लक्ष्य, भर्ती प्रक्रिया पर जोर
युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में दो लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य सामने रखा।
उन्होंने कहा कि अब तक 50 हजार से अधिक पदों पर भर्ती किए जाने और आगे एक लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया बढ़ाने की बात कही गई है। इसके साथ विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ मिल सके।
आयुष्मान भारत और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों के जरिए सस्ती दरों पर जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने की पहल को भी रेखांकित किया।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की पहल पर बात रखी।
धारा 370, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
राष्ट्रीय सुरक्षा पर मुख्यमंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर पहले कई तरह की आशंकाएं जताई जाती थीं, लेकिन इसे लागू किया गया।
डॉ. यादव ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र करते हुए इन्हें आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई और सैन्य क्षमता के संदर्भ में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अयोध्या राम मंदिर से महाकाल महालोक तक धार्मिक पर्यटन
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के विषय पर मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के श्री महाकाल महालोक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं और सुविधाओं से धार्मिक स्थलों की पहचान को नई मजबूती मिली है।
मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की चर्चा करते हुए उन्होंने उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि का जिक्र किया। मुख्यमंत्री के संबोधन में पिछले वर्ष लगभग 13 करोड़ लोगों के आने का उल्लेख था, जबकि इस वर्ष प्रदेश में कुल 20 करोड़ पर्यटकों के आगमन का लक्ष्य बताया गया। उन्होंने बेहतर सुविधाओं, विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को धार्मिक पर्यटन के विस्तार से जोड़ा।
विकास, रोजगार और जनकल्याण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं तथा परियोजनाओं को विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनके वक्तव्य में गरीब कल्याण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, ऊर्जा, सुरक्षा, परिवहन और धार्मिक पर्यटन जैसे विषय प्रमुख रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश कैबिनेट द्वारा पारित संकल्प में राज्य को मिली उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है।
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