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MP Cheetah Project: कूनो से नौरादेही-गांधीसागर शिफ्ट होंगे चीते, जुलाई-जून में बड़ी मूवमेंट की तैयारी

28 अप्रैल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
MP Cheetah Project: कूनो से नौरादेही-गांधीसागर शिफ्ट होंगे चीते, जुलाई-जून में बड़ी मूवमेंट की तैयारी
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

MP Cheetah Project में बड़ा विस्तार होने जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क से अब चीतों को नए ठिकानों पर बसाने की तैयारी तेज हो गई है, जिससे प्रोजेक्ट को नई रफ्तार मिलेगी।


नौरादेही बनेगा चीतों का नया घर

कूनो नेशनल पार्क से चीतों को अब नौरादेही अभयारण्य में बसाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल वहां बाड़ा निर्माण तेजी से जारी है और अगले 2 महीने में काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद जुलाई में 4 चीतों को शिफ्ट किया जा सकता है।


गांधीसागर में भी होगा विस्तार

गांधीसागर अभयारण्य को भी चीतों का दूसरा बड़ा ठिकाना बनाया जा रहा है। यहां जून में 2 और चीतों को भेजने की योजना है। इससे पहले 2025 में 3 चीते यहां शिफ्ट किए जा चुके हैं, जिन्हें सड़क मार्ग से लाया गया था।


कौन-कौन से चीते होंगे शिफ्ट?

कूनो में फिलहाल कुल 54 चीते मौजूद हैं, जिनमें 37 भारतीय हैं। रिपोर्ट के अनुसार शिफ्टिंग के लिए बोत्सवाना के 9 में से 4 चीते और 2 भारतीय चीते चुने जा सकते हैं। इनमें मादा चीता आशा के दोनों शावक KAP-2 और KAP-3 भी शामिल हो सकते हैं, जो फिलहाल राजस्थान सीमा के आसपास घूम रहे हैं।


नौरादेही में तैयार हो रहा हाई-टेक बाड़ा

नौरादेही में चीतों के लिए लगभग 440 हेक्टेयर क्षेत्र में 8 विशेष बाड़े बनाए जा रहे हैं।

- 8-10 फीट ऊंची फेंसिंग

- सोलर इलेक्ट्रिक सुरक्षा सिस्टम

- शुरुआती चरण में क्वारंटीन बाड़े


चीतों को पहले छोटे बाड़ों में रखा जाएगा और फिर उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा—यानी पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध होगी।


गांधीसागर का बड़ा सेटअप

गांधीसागर अभयारण्य में पहले से ही 64 वर्ग किमी (6400 हेक्टेयर) का विशाल बाड़ा तैयार है। यही वजह है कि इसे चीतों के दूसरे प्रमुख आवास के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां उनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।


कब और कितने चीते जाएंगे? अभी फैसला बाकी

चीता प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार, चीतों की शिफ्टिंग की संख्या और तारीख को लेकर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। हालांकि तैयारियों की रफ्तार को देखते हुए साफ है कि आने वाले दो महीनों में बड़े स्तर पर मूवमेंट देखने को मिल सकती है।


प्रोजेक्ट चीता को मिलेगी नई दिशा

कूनो से बाहर चीतों का विस्तार इस बात का संकेत है कि प्रोजेक्ट अब अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। अगर यह योजना सफल रहती है, तो मध्यप्रदेश देश में चीतों का सबसे बड़ा सुरक्षित आवास बन सकता है।

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