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सिर्फ बेटियां ही नहीं, अब लड़के भी कम उम्र में कर रहे शादी! MP के नए आंकड़े चौंकाने वाले

23 जुल, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
सिर्फ बेटियां ही नहीं, अब लड़के भी कम उम्र में कर रहे शादी! MP के नए आंकड़े चौंकाने वाले
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में कम उम्र में होने वाले विवाह को लेकर सामने आए नए आंकड़ों ने नई चुनौती की ओर इशारा किया है। ताजा सर्वे के अनुसार अब यह समस्या केवल लड़कियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में युवक भी कानूनी उम्र से पहले विवाह कर रहे हैं।


नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-6) के अनुसार प्रदेश में 25% युवक 21 वर्ष की कानूनी उम्र से पहले शादी कर रहे हैं, जबकि 20% से अधिक लड़कियों का विवाह 18 वर्ष से पहले हो रहा है।


शिक्षा छूटते ही बढ़ रहा कम उम्र में विवाह का जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले बच्चों के सामने आगे की शिक्षा या रोजगार के बजाय शादी को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका कहना है कि पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियां भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही हैं।


विशेषज्ञों के अनुसार यदि बच्चों को माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर तक स्कूलों में बनाए रखा जाए तो कम उम्र में होने वाले विवाह के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।


लड़कों की शिक्षा और विवाह के आंकड़े

NFHS-6 के अनुसार प्रदेश में—

  • केवल 42% लड़के ही 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा पूरी कर पा रहे हैं।

  • हर चौथा युवक (25%) 21 वर्ष की कानूनी उम्र से पहले विवाह कर रहा है।


विशेषज्ञों का कहना है कि पढ़ाई छूटने के बाद कई परिवार शादी को अगला कदम मान लेते हैं।


लड़कियों की स्थिति ग्रामीण इलाकों में अधिक चिंताजनक

सर्वे के मुताबिक लड़कियों की शिक्षा और कम उम्र में विवाह के बीच सीधा संबंध दिखाई देता है।

  • केवल 33.7% लड़कियां 10वीं तक की पढ़ाई पूरी कर रही हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा घटकर 26% रह जाता है।

  • ग्रामीण इलाकों में 23.4% लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले हो रही है।


बाल विवाह में कुछ सुधार, लेकिन चुनौती बरकरार

पिछले 4 वर्षों में लड़कियों के बाल विवाह के मामलों में कमी दर्ज की गई है। पहले 23.1% लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले होती थी, जो अब घटकर 20% रह गई है। यह आंकड़ा अब राष्ट्रीय औसत 20.1% के करीब पहुंच गया है। इसके बावजूद प्रदेश में हर पांचवीं लड़की का बालिग होने से पहले विवाह होना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।

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