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बिहार में चला एमपी के सीएम मोहन यादव का जादू! 26 सीटों पर किया था प्रचार, 21 पर NDA को बढ़त

14 नव, 20250 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
बिहार में चला एमपी के सीएम मोहन यादव का जादू! 26 सीटों पर किया था प्रचार, 21 पर NDA को बढ़त

बिहार में चला एमपी के सीएम मोहन यादव का जादू! 26 सीटों पर किया था प्रचार, 21 पर NDA को बढ़त

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

पटना/भोपाल। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार सिर्फ स्थानीय समीकरण ही नहीं, बल्कि बाहर से आए स्टार प्रचारकों का भी बड़ा असर देखने को मिल रहा है। खासकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जादू बिहार की राजनीति में साफ दिखाई दे रहा है डॉ. यादव ने जिन 26 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया था, उनमें से 21 सीटों पर NDA उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। रुझानों ने साफ कर दिया है कि इस बार बिहार में मोहन यादव का नाम और चेहरा दोनों खूब चला है।


यादव वोटों का कन्वर्ज़न कराने में सफल रहे CM मोहन

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार: मोहन यादव जिस सीट पर गए, वहाँ यादव समाज में NDA की पकड़ तेज़ी से मजबूत हुई। यादव वोट, जो प्रायः सीमांचल और मगध क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभाते हैं, इस बार बड़ी संख्या में NDA की तरफ शिफ्ट होते दिखे। यही वजह है कि जिन सीटों पर पिछले चुनाव में कड़ा मुकाबला था, वहाँ अब NDA आराम से बढ़त बनाए हुए है।


मोहन यादव ने इन 26 सीटों पर किया था प्रचार

डॉ. यादव ने बिहार के जिन 26 महत्वपूर्ण इलाकों में रोड शो और जनसभाएँ की थीं, वे इलाके यादव प्रभाव क्षेत्र और कठिन प्रतियोगिता वाले माने जाते थे। इनमें शामिल हैं: कुम्हरार, बिसफी, अलमनगर, नाथनगर, बगहा, सिक्ता, गया शहर, बांकीपुर, मानेर, बिक्रम, हिसुआ, सहरसा, कटोरिया, मधेपुरा, नाथनगर, फतुहा, वजीरगंज, बेलहार, पिपरा, बोधगया, ढाका, चिरैया, नरकटिया, मोतीहारी, फुलपारस और सीतामढ़ी। इनमें से 21 सीटों पर NDA आगे, जिसने भाजपा संगठन को भी चौंका दिया है।


मोहन यादव का बिहार कनेक्शन—ग्राउंड पर बड़ी रैलियां, सीधे जनता से जुड़ाव

मोहन यादव की रैलियों में उमड़ी भीड़ और उनके भाषणों की सादगी व ठोस मुद्दों ने स्थानीय मतदाताओं पर असर डाला—

✔ “विकास की राजनीति” की नरेटिव को मजबूती

✔ बिहार-मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समानताएँ

✔ यादव समुदाय में सीधा प्रभाव

✔ NDA के लोकल नेतृत्व को नई ऊर्जा

इन सभी वजहों से उन्हें अब “बिहार BJP का नया स्टार प्रचारक” कहा जाने लगा है।


बिहार के मौजूदा रुझान बता रहे हैं— मोहन यादव ने सिर्फ रैलियाँ नहीं कीं, बल्कि समीकरण बदल दिए। उनका प्रचार जनता को प्रभावित करने में 100% सफल रहा। और यही कारण है कि सीमांचल व मगध की कई कठिन सीटें NDA अपने पक्ष में मोड़ने में सफल रहा।


तीसरी बार बिहार में फिर एनडीए सरकार की वापसी हो रही : सीएम मोहन 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम के रुझान वास्तव में उत्साह वर्धन करने वाले हैं। यशस्वी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने 2014 के बाद नए प्रकार की विकासपरक राजनीति का दौर देखा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक-एक करके तीनों लोकसभा चुनाव में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला। भाजपा ने दिल्ली में भी अपनी सरकार बनाई है। उसी सिलसिले को जारी रखते हुए तीसरी बार बिहार में फिर एनडीए सरकार की वापसी हो रही है। पूर्ववर्ती समय में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार यह बता रहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भाजपा और एनडीए की लहर चल रही है। तथाकथित कांग्रेस और उनके गठबंधन के दलों की जो कुव्यवस्थाएं हैं, उन्हें देखकर जनता अपना मन चुकी है और एनडीए के साथ विकास के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहती है।”


मोदी सरकार का विकास और सुरक्षा पर भरोसा : सीएम मोहन 

सीएम मोहन यादव ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल देश के विकास बल्कि देश की सुरक्षा के लिए जो नीतियां लागू की हैं, वह वाकई हम सभी का मनोबल बढ़ाने वाली हैं। बिहार में जीत की और बढ़ते एनडीए गठबंधन के साथियों और प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा को बधाई देना चाहता हूं। विजय होने वाले सभी प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं को भी बधाई।”


भाजपा नंबर वन पार्टी, JDU सहयोगी दल : सीएम मोहन 

सीएम मोहन यादव ने रुझानों के महत्व को बताते हुए कहा, “बिहार चुनाव में ऐतिहासिक जीत के साथ भाजपा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। भाजपा सबसे ज्यादा सीटें जीतकर नंबर वन पार्टी बनी है। दूसरा हमारा सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड है। हमने देखा है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने राजद को डुबाने का काम किया है। कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ने समय से पहले ही चुनाव मैदान छोड़ दिया। उसी का परिणाम उनकी सहयोगी पार्टी को भुगतना पड़ा है। यह उनके लिए सोचने का समय है कि लोकतंत्र में जनता जो देती है, वही सही होता है और जनता के इस जनादेश को स्वीकार करते हैं। बिहार में विकास के लिए फिर तैयार एनडीए सरकार।”

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