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जनजातीय नायकों पर फिल्में बनाने में सरकार करेगी सहयोग, जबलपुर में सीएम मोहन यादव ने राजा शंकर शाह को किया याद

18 सित, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
जनजातीय नायकों पर फिल्में बनाने में सरकार करेगी सहयोग, जबलपुर में सीएम मोहन यादव ने राजा शंकर शाह को किया याद
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल/जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 18 सितंबर को जबलपुर में राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि देते हुए जनजातीय महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उनके जीवन और बलिदान पर फिल्में बनाने समेत योजनाओं में सहयोग करेगी।


जबलपुर में आयोजित बलिदान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने दोनों जननायकों की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने अंग्रेजी शासन के दौर में स्वतंत्रता की चेतना जगाई और तलवार के बजाय गीत, कविता तथा कलम को संघर्ष का माध्यम बनाया।


बलिदान दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और जनजातीय महानायक के रूप में याद किया। उन्होंने इस दिन को बेहद पवित्र बताया और अंग्रेजी शासन के समय उनके साहस को देश की शक्ति से परिचित कराने वाला प्रसंग बताया।


डॉ. यादव के अनुसार, 1857 के पहले समर से पहले राजा शंकर शाह ने गीतों और कविताओं के जरिए लोगों में आजादी की भावना पैदा की। उन्होंने कहा कि राजा शंकर शाह ने तलवार का काम कलम से किया और देश तथा धर्म को साथ लेकर आगे बढ़े।


गीतों और साहित्य से जगाई स्वतंत्रता की चेतना

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा शंकर शाह की स्वभाषा, स्वधर्म, रचनात्मकता और साहित्य से जुड़ी साधना ने जनता के बीच नई चेतना पैदा की। उनके गीतों को लोगों के बीच नए जीवन का संचार करने वाला माध्यम बताया गया।


राजा शंकर शाह के बेटे रघुनाथ शाह ने भी पिता के अभियान को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दोनों की गतिविधियों से अंग्रेज चिंतित हुए और उन्हें गिरफ्तार कर बंदी बना लिया गया।


अंग्रेजों की शर्तों के सामने नहीं झुके जननायक

डॉ. यादव ने कहा कि अंग्रेजों ने राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के सामने सत्ता के समर्पण और पेंशन स्वीकार करने की शर्त रखी थी। दूसरी शर्त के तौर पर उनसे धर्म छोड़ने के लिए कहा गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों जननायकों ने इन शर्तों को स्वीकार करने के बजाय मृत्यु का सामना करने का संकल्प लिया। उन्होंने मां नर्मदा की कृपा और अपने धर्म में रहते हुए जीवन समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की।


तोप के सामने खड़ा कर दिया गया

मुख्यमंत्री के बयान के मुताबिक, अंग्रेजों ने दोनों के साथ अन्याय किया और उन्हें तोप के मुंह के सामने खड़ा कर दिया। उस समय लोगों को भी वहां मौजूद रखा गया और उनके साथ खड़े होने वालों को इसी तरह की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।


डॉ. यादव ने कहा कि भय पैदा करने वाले अंग्रेजी शासन का अंत हुआ, जबकि राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह का नाम अमर रहा। उन्होंने कहा कि विचारों को खत्म नहीं किया जा सकता और इन जननायकों का बलिदान स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।


पाठ्यक्रम में शामिल किए गए जनजातीय महापुरुष

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ियां इनके जीवन और योगदान को जान सकें, इसके लिए इतिहास को सामने लाना जरूरी है।


उन्होंने प्रदेश के गौरवशाली अतीत को सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व बताया।


रानी दुर्गावती लोक और विश्वविद्यालयों का भी किया जिक्र

डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी। उन्होंने बताया कि निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है।


मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के सागर में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय शुरू किए जाने का भी उल्लेख किया।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का किया उल्लेख

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने इसे सरकार के काम करने के तरीके से जोड़ते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय नेता विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री हैं।


उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी जननायकों को पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं बनाया गया और इस समाज से राष्ट्रपति नहीं बनाया गया।


सिकल सेल अभियान को लेकर पीएम मोदी का जिक्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल के खिलाफ किए गए काम को भी अपने संबोधन में शामिल किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के साथ गुजरात और राजस्थान में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज रहता है और सिकल सेल से बचाव के लिए अभियान चलाया गया।


डॉ. यादव ने इस दिशा में राज्यपाल मंगुभाई पटेल की भूमिका का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने भी इस विषय पर पूरा ध्यान दिया।


जनजातीय महापुरुषों पर फिल्म निर्माण में सहयोग का ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित संबंधित योजनाओं में पूरा सहयोग करेगी। उनका कहना था कि इन महानायकों के संघर्ष और बलिदान को व्यापक स्तर पर सामने लाने की जरूरत है।SEO पैकेज


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