
भोपाल। मध्य प्रदेश में विधानसभा स्तर पर खेल सुविधाओं का विस्तार करने की योजना के तहत सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। इनमें मैदानों के साथ प्रशिक्षण, फिटनेस और खिलाड़ियों के लिए जरूरी सहायक सुविधाएं भी रहेंगी।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन परिसरों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गुणवत्ता के साथ इनके व्यावहारिक इस्तेमाल को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
एक परिसर में कई खेलों की व्यवस्था
प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में अलग-अलग खेलों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रमुख खेलों में शामिल हैं—
बैडमिंटन
एथलेटिक्स
मार्शल आर्ट
टेबल टेनिस
खो-खो
कबड्डी
वॉलीबॉल
फुटबॉल
इससे बच्चों, युवाओं और स्थानीय खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में नियमित अभ्यास और प्रशिक्षण की सुविधा मिल सकेगी।
फिटनेस से फायर सेफ्टी तक सुविधाएं
कॉम्प्लेक्स में खेल मैदानों के अलावा खिलाड़ियों की जरूरत के मुताबिक कई व्यवस्थाएं होंगी। इनमें फिटनेस सेंटर, उपकरण कक्ष, चेंजिंग रूम, एडमिन ब्लॉक, इलेक्ट्रिकल रूम और फायर सेफ्टी सिस्टम शामिल हैं। दिव्यांग खिलाड़ियों और अन्य दिव्यांगजनों के लिए उनकी जरूरत के अनुसार विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है।
स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा प्रशिक्षण का अवसर
मंत्री सारंग के अनुसार प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, प्रशिक्षण, उपकरण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना जरूरी है। विधानसभा स्तर पर सुविधाएं मिलने से स्थानीय खिलाड़ी आगे चलकर जिला, संभाग, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षण ले सकेंगे।
आपात स्थिति में काम आएगा हेलीपैड
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की योजना में हेलीपैड भी शामिल किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल आपातकालीन और त्वरित राहत सेवाओं के संचालन में किया जा सकेगा।
केवल निर्माण नहीं, नियमित उपयोग पर जोर
समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कॉम्प्लेक्स का उद्देश्य सिर्फ भवन और मैदान तैयार करना नहीं होना चाहिए। इनका नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चे और युवा खेल गतिविधियों से जुड़ सकें।
पाठकों की राय (0)
इस खबर पर अभी कोई कमेंट नहीं है। पहले आप लिखें!

