
भोपाल। मध्यप्रदेश में अवैध कॉलोनियों पर जल्द बड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ होने वाला है। राज्य सरकार कॉलोनी विकास नियम (कॉलोनाइजर एक्ट-2026) लाने की तैयारी में है। प्रस्तावित कानून के तहत अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों पर 10 साल तक की जेल और ₹2 करोड़ तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
विधानसभा के मानसून सत्र में आ सकता है नया कानून
सरकार ने नए कानून का मसौदा तैयार करने के लिए वरिष्ठ सचिवों की समिति बनाई है। प्रस्तावित संशोधित विधेयक को विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी चल रही है। सरकार का लक्ष्य अवैध कॉलोनियों को बनने से पहले ही रोकना और जवाबदेही तय करना है।
शहर और गांव में लागू होंगे एक जैसे नियम
नए कानून के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग नियम नहीं होंगे। नगरीय सीमा से 16 किलोमीटर तक का क्षेत्र भी नए एक्ट के दायरे में आएगा। पंचायत क्षेत्रों में भी वही नियम लागू होंगे जो अभी नगर निकायों में लागू हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
बिल्डरों के लिए सख्त होंगे नियम
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई डेवलपर अवैध कॉलोनी विकसित करता है तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। साथ ही संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे नियमों के पालन में जवाबदेही बढ़ेगी।
ईमानदार डेवलपर्स को मिलेगी राहत
नए कॉलोनाइजर एक्ट में एक बड़ा बदलाव यह भी होगा कि एक ही लाइसेंस से शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में कॉलोनी विकसित की जा सकेगी। यदि निर्धारित 5 वर्ष में विकास कार्य पूरा हो जाता है तो 45 दिन के भीतर कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य होगा। तय समय में प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर डीम्ड परमिशन (स्वतः मंजूरी) लागू मानी जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारों में भी होगा बदलाव
नगर निगम क्षेत्रों में कार्रवाई का अधिकार आयुक्त को मिलेगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में कलेक्टर सीधे कार्रवाई कर सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर एसडीएम को भी यह अधिकार दिया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगी।
क्यों जरूरी है नया कानून?
सरकार का कहना है कि शहरों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आवास की मांग बढ़ने के साथ अवैध कॉलोनियों की संख्या भी बढ़ी है। डेवलपर कॉलोनियां बनाकर निकल जाते हैं और बाद में सड़क, पानी, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए रहवासियों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसी समस्या के समाधान के लिए नया कानून लाया जा रहा है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेशभर में अवैध कॉलोनियों का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। केवल इंदौर में ही करीब 150 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं। उन्होंने कहा कि नया कॉलोनाइजर एक्ट सजा और आर्थिक दंड दोनों को कड़ा बनाएगा, ताकि भविष्य में अवैध कॉलोनियों के नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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