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MP Cyber Crime Report: 7 साल में 4,454 केस, 341 करोड़ से ज्यादा की ठगी — रिकवरी और सजा दर पर उठे बड़े सवाल

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MP Cyber Crime Report: 7 साल में 4,454 केस, 341 करोड़ से ज्यादा की ठगी — रिकवरी और सजा दर पर उठे बड़े सवाल

MP Cyber Crime Report: 7 साल में 4,454 केस, 341 करोड़ से ज्यादा की ठगी — रिकवरी और सजा दर पर उठे बड़े सवाल

Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में डिजिटल अपराध तेजी से बढ़ते दिख रहे हैं। विधानसभा में दिए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले सात वर्षों में हजारों साइबर क्राइम केस दर्ज हुए और सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी सामने आई। लेकिन कम रिकवरी और बेहद कम सजा दर ने कानून व्यवस्था और डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


7 साल में कितने साइबर अपराध और कितनी ठगी?

सरकारी जवाब के अनुसार वर्ष 2020 से 2026 के बीच ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों के कुल 4,454 मामले दर्ज किए गए। केवल ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से करीब 329.98 करोड़ रुपये की ठगी हुई। सभी साइबर अपराधों को जोड़ें तो कुल गबन राशि लगभग 341.89 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी लगातार बढ़ रही है।


गिरफ्तारी का डेटा: कितने आरोपी पकड़े गए?

सरकार के मुताबिक इस अवधि में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन कई आरोपी अब भी फरार हैं।


गिरफ्तार आरोपी

3,250 आरोपी मध्यप्रदेश के निवासी

1,153 आरोपी अन्य राज्यों से

11 विदेशी आरोपी भी गिरफ्तार


अब भी गिरफ्तारी बाकी

2026: 14 आरोपी

2025: 536 आरोपी

2024: 904 आरोपी

2023: 221 आरोपी

2022: 180 आरोपी

2021: 134 आरोपी

2020: 371 आरोपी


डेटा से साफ है कि हर साल बड़ी संख्या में आरोपी गिरफ्तारी से बाहर रहे, जिससे जांच की गति पर सवाल उठ रहे हैं।


रिकवरी और रिफंड: सबसे बड़ा सवाल

साइबर ठगी के मामलों में सबसे ज्यादा चिंता रकम की रिकवरी को लेकर सामने आई है। कुल 64.78 करोड़ रुपये की राशि जब्त की गई। करीब 26.96 करोड़ रुपये रिकवर किए गए। लगभग 25.57 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस लौटाए गए। एक अलग जवाब में 29.26 लाख रुपये लौटाने की जानकारी भी सामने आई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वर्ष 2026 में जबलपुर से केवल 2 प्रतिशत राशि ही रिकवर हो पाई, जिससे तकनीकी जांच और प्रवर्तन तंत्र की प्रभावशीलता पर बहस शुरू हो गई है।


महिलाओं से जुड़े साइबर अपराध: शिकायत ज्यादा, सजा कम

महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों का डेटा भी चिंताजनक है। पिछले सात वर्षों में 265 शिकायतें दर्ज हुईं। 248 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन केवल 6 मामलों में ही सजा हो सकी। विशेषज्ञ मानते हैं कि कम सजा दर साइबर अपराधियों के हौसले बढ़ा सकती है। वहीं कुछ वर्षों में लगातार समान संख्या में शिकायतें दर्ज होना भी विश्लेषण का विषय बना हुआ है।


विपक्ष की मांग: मजबूत सिस्टम और तेज न्याय

विधानसभा में सवाल उठाने वाले विधायक ने कम रिकवरी और धीमी सजा दर पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि साइबर अपराध रोकने के लिए:

मॉनिटरिंग सिस्टम मजबूत करना होगा

तकनीकी संसाधन बढ़ाने होंगे

जांच और न्यायिक प्रक्रिया तेज करनी होगी


क्यों बढ़ रहे हैं साइबर अपराध?

विशेषज्ञों के मुताबिक ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल ने अपराधियों के लिए नए मौके पैदा किए हैं। कई मामलों में अपराधी दूसरे राज्यों या विदेशों से ऑपरेट करते हैं, जिससे जांच जटिल हो जाती है।

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