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दिवाली से पहले मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को मिल सकता है DA-DR का लाभ? 1,202 करोड़ के खर्च और 4 नवंबर के प्रदर्शन पर नजर

29 अक्टू, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
दिवाली से पहले मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को मिल सकता है DA-DR का लाभ? 1,202 करोड़ के खर्च और 4 नवंबर के प्रदर्शन पर नजर
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्यप्रदेश में करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में कुल 5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है। जनवरी और जुलाई 2026 से लंबित बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्तर पर जल्द फैसला होने की संभावना जताई जा रही है।


राज्य में अभी सातवें वेतनमान के तहत कर्मचारियों को 58% DA और पेंशनर्स को 58% DR मिल रही है। कर्मचारी संगठनों ने दोनों लंबित किस्तें जारी करने की मांग तेज कर दी है। इस प्रस्ताव पर अमल होने पर सरकार पर करीब 1,202 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ सकता है।


केंद्र से 5 प्रतिशत अंक पीछे मध्यप्रदेश के कर्मचारी

केंद्र सरकार ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत अंक की वृद्धि को मंजूरी दी। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का DA बढ़कर 63% हो गया है।


मध्यप्रदेश में कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनर्स की महंगाई राहत अभी 58% है। इस अंतर को खत्म करने के लिए प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से जनवरी और जुलाई की लंबित किस्तों का लाभ देने की मांग की है।


जनवरी से 2% और जुलाई से 3% बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारियों को जनवरी 2026 से लंबित 2% और जुलाई 2026 से देय 3% बढ़ोतरी का इंतजार है। दोनों किस्तें मंजूर होने पर महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में कुल 5 प्रतिशत अंक का इजाफा होगा।


कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केंद्र के मुकाबले राज्य में कम DA मिलने से कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान हो रहा है। संगठनों ने सरकार से दोनों अवधियों की बढ़ोतरी का लाभ देने की अपील की है।


प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को हर महीने 7,500 रुपये तक फायदा

प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होने पर प्रथम श्रेणी के अधिकारियों को हर महीने 7,500 रुपये या उससे अधिक का लाभ मिल सकता है। वास्तविक फायदा कर्मचारी के वेतन और संबंधित गणना पर निर्भर करेगा।


कर्मचारी संगठनों के आकलन के अनुसार, सरकार को लंबित भुगतान के लिए बड़ी राशि खर्च करनी होगी। अनुमान में जनवरी से अक्टूबर 2026 तक के भुगतान और अलग-अलग अवधि के खर्च को शामिल किया गया है।


DA-DR बढ़ाने पर सरकार को 1,202 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे

कर्मचारी संगठनों ने लंबित किस्तों के भुगतान का अनुमान इस तरह बताया है:


* जनवरी से जुलाई 2026: 2% DA-DR के भुगतान पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान।


* जुलाई से अक्टूबर 2026: 5% की दर से भुगतान पर लगभग 752 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च।


* कुल अनुमानित भार: जनवरी से अक्टूबर तक करीब 1,202 करोड़ रुपये।


यह वित्तीय आकलन कर्मचारी संगठनों की ओर से सामने आया है। बढ़ोतरी और भुगतान को लेकर अंतिम निर्णय राज्य सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।


4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने प्रदर्शन करेंगे कर्मचारी

महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का आंदोलन भी जारी है। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर को गवर्नमेंट प्रेस के पास प्रदर्शन किया था।


उस प्रदर्शन में करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को DA-DR का लाभ देने की मांग उठाई गई थी। अब लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ और अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करने का फैसला किया है।


पुराने DA एरियर का भुगतान नहीं होने पर भी नाराजगी

कर्मचारी संगठनों ने केवल नई बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि पहले घोषित महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि कई जिलों में पहले घोषित 3% DA के एरियर का भुगतान अब तक नहीं हुआ है।


लिपिक वर्गीय कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एमपी द्विवेदी और शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने लंबित 2% महंगाई भत्ते का भुगतान जल्द करने की मांग की है।


पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। इसमें 1 जनवरी 2026 से लंबित 2% और 1 जुलाई 2026 से देय 3% महंगाई राहत के भुगतान आदेश शीघ्र जारी करने की मांग की गई है।


एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने महंगाई राहत को बढ़ती कीमतों के असर से निपटने में मददगार आर्थिक सहारा बताया। भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने भी वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स को राहत देने के लिए जल्द निर्णय होने की उम्मीद जताई।

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