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मध्य प्रदेश के 253 पुलों पर खतरे की घंटी, PWD रिपोर्ट में 46 पुल सबसे ज्यादा जोखिम वाले

29 जून, 20260 व्यूज4 मिनट पढ़ाई
मध्य प्रदेश के 253 पुलों पर खतरे की घंटी, PWD रिपोर्ट में 46 पुल सबसे ज्यादा जोखिम वाले
Sanju Suryawanshi
डेस्क रिपोर्टर
Sanju Suryawanshi

भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। विभाग के रिकॉर्ड में प्रदेश के 253 पुल जर्जर श्रेणी में दर्ज किए गए हैं। इनमें 46 पुल ऐसे हैं, जिन्हें सबसे अधिक जोखिम वाला माना गया है। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी हर वर्ष पुलों और पुलियों का सुरक्षा ऑडिट कराने की सिफारिश करती है। इसके बावजूद प्रदेश के कई स्थानों पर भौतिक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट का काम अभी पूरा नहीं हो सका है।


46 पुलों पर सबसे ज्यादा खतरे की आशंका

PWD के अनुसार 253 पुल ऐसे हैं, जिन्हें लगातार निगरानी और मरम्मत की आवश्यकता है। इनमें शामिल 46 पुल अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। विभाग का मानना है कि इन पुलों पर नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत जरूरी है, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।


फोटो के साथ रिपोर्ट अपलोड करना अनिवार्य

वार्षिक निरीक्षण के दौरान इंजीनियरों को पुलों के फाउंडेशन, बियरिंग्स, एक्सपेंशन जॉइंट्स और जल निकासी व्यवस्था की जांच करनी होती है। नियमों के तहत निरीक्षण रिपोर्ट विभागीय सॉफ्टवेयर पर तस्वीरों के साथ अपलोड करना अनिवार्य है। हालांकि विभाग का कहना है कि इस वर्ष की कई निरीक्षण रिपोर्ट अभी प्राप्त होना बाकी हैं।


नए पुल भी संवेदनशील सूची में शामिल

जो सूची तैयार की गई है, उसमें केवल पुराने पुल ही नहीं बल्कि हाल के वर्षों में बने कुछ पुल भी शामिल हैं। इनमें वर्ष 2024 में बना एकलव्य पुल और वर्ष 2021 में तैयार रीवा शहर का फ्लाईओवर भी शामिल है। इन दोनों को विशेष मजबूतकरण श्रेणी में रखा गया है।


मजबूतकरण के लिए ₹11.41 करोड़ मंजूर

प्रदेश सरकार ने मार्च 2026 में 50 संवेदनशील पुलों के विशेष मजबूतकरण के लिए ₹11.41 करोड़ की मंजूरी दी है। इनमें सबसे अधिक 22 पुल भोपाल संभाग के हैं। अब विभाग के सामने तय समय में इन पुलों की मरम्मत और सुरक्षा संबंधी कार्य पूरा करना बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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