
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब सड़कों पर चेकिंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली पर बड़ा ब्रेक लगने वाला है। राज्य सरकार ने एक हाईटेक कदम उठाते हुए ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे अब टोल प्लाजा से गुजरते ही गाड़ियों के कागजात ऑनलाइन चेक होंगे और नियम तोड़ने पर सीधा ई-चालान कटेगा।
NIC की ई-डिटेक्शन प्रणाली से होगी निगरानी
सरकार ने ई-डिटेक्शन सेल को National Informatics Centre (NIC) की ई-डिटेक्शन प्रणाली के जरिए ई-चालान जारी करने का अधिकार दे दिया है।
परिवहन सचिव Manish Singh ने इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। अब नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर लगे कैमरों से गुजरने वाले हर वाहन की निगरानी की जाएगी।
ऑनलाइन होगा वाहन दस्तावेजों का सत्यापन
जैसे ही कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरेगा, हाई-रेजॉल्यूशन कैमरा उसकी नंबर प्लेट स्कैन करेगा। यह डाटा सीधे NIC के सेंट्रल सर्वर पर जाएगा, जहां वाहन से जुड़े सभी दस्तावेज – जैसे रजिस्ट्रेशन, बीमा और फिटनेस – की वैधता चेक होगी। अगर कोई दस्तावेज अमान्य पाया गया, तो मध्य प्रदेश परिवहन आयुक्त द्वारा नामित ई-डिटेक्शन सेल के अधिकारी मोटरयान अधिनियम के तहत ई-चालान जारी करेंगे।
110 स्टेट हाईवे और 97 NHAI टोल प्लाजा होंगे कवर
प्रदेश में इस समय स्टेट हाईवे पर करीब 110 टोल प्लाजा और National Highways Authority of India (NHAI) के 97 टोल प्लाजा संचालित हैं। इन सभी स्थानों से रोज हजारों वाहन गुजरते हैं। नई व्यवस्था के तहत हर वाहन पर नजर रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर अपने-आप चालान कटेगा, जिससे मैन्युअल चेकिंग और अवैध वसूली खत्म होगी।
6 फरवरी को नए परिवहन आयुक्त संभालेंगे पद
मध्य प्रदेश के नए परिवहन आयुक्त Umesh Joga शुक्रवार, 6 फरवरी को अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। वे वर्तमान आयुक्त Vivek Sharma की जगह लेंगे।
उज्जैन जोन के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रहे उमेश जोगा को हाल ही में परिवहन आयुक्त बनाया गया है। वहीं, उनकी जगह Rakesh Gupta उज्जैन जोन के नए एडीजी का कार्यभार संभालेंगे।
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